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हमीरपुर में डेंगू के दो रोगी मिले, इलाज के लिए जयपुर एसएमएस में कराया भर्ती

Pawan Kumar Sharma

Publish: Oct 20, 2019 17:47 PM | Updated: Oct 20, 2019 17:47 PM

Tonk

मौसमी बिमारियों में बुखार व खांसी के रोगी बढ़े है। विभागीय जांच में हमीरपुर में डेंगू के दो रोगी मिले है, जिनका इलाज जयपुर एसएएम में चल रहा है।

टोडारायसिंह. चिकित्सा विभाग ने बासेड़ा व बस्सी में वायरल रोगी बढऩे के बाद सुरक्षा की दृष्टि फोगिंग व मरीजों की चिकित्सा जांच कार्रवाई शुरू की है। विभागीय जांच में बीते पखवाड़े अन्तर्गत हमीरपुर में दो डेंगू के रोगी मिले है। जिनका इलाज जयपुर एसएमएस में चल रहा है।

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बासेड़ा में शुक्रवार को वायरल रोगी बढऩे की सूचना के बाद चिकित्सा विभाग ने फोगिंग करवाई साथ ही नजदीक के करीब पांच दर्जन परिवारों के सदस्यों की जांच की गई है। इधर, बीते पखवाड़े में विभागीय जांच में हमीरपुर में दो रोगी डेंगू के पाए गए है। इसके बाद फोगिंग व अन्य मरीजों की जांच कार्रवाई की गई है। डेंगू पॉजिटिव के रोगियों का इलाज जयपुर एसएमएस में चल रहा है।

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इनका कहना है
मौसमी बिमारियों में बुखार व खांसी के रोगी बढ़े है। विभागीय जांच में हमीरपुर में डेंगू के दो रोगी मिले है, जिनका इलाज जयपुर एसएएम में चल रहा है। इधर, बस्सी व बासेड़ा में बुखार के रोगी बढऩे पर चिकित्सा जांच व उपचार कार्रवाई की जा रही है।
रोहित डंडोरिया, बीसीएमएचओ टोडारायसिंह।

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हड़ताल के चलते बीस दिन से नहीं हुई सफाई
टोंक. प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के प्रति उनियारा उपखण्ड प्रशासन कितना सतर्क है यह अलीगढ़ कैसे में जाकर देखा जा सकता है। सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते यहां मुख्य बाजार सहित गली-मोहल्लों में कचरे के ढेर लगे हुए है, लेकिन प्रशासन के नुमाइंदों ने अब तक सफाई की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। जबकि दो जनों की डेंगू से मौत तक हो चुकी है।


अलीगढ़ में सफाईकर्मी विभिन्न मांगों को लेकर 20 दिन से हड़ताल पर है। इस अवधि में एक बार भी सफाई नहीं होने से सभी जगह कचरे के ढेर लग गए है। मच्छरों के प्रकोप के चलते अस्पताल का आउटडोर भी बढ़ गया है। इस सब की जानकारी होने के बाद भी पंचायत सहित विकास अधिकारी व उपखण्ड अधिकारी हड़ताल टूटने का इंतजार कर रहे है। आश्चर्य इस बात का है कि गत दिनों दो जनों की डेंगू से मौत हो चुकी है। फिर भी प्रशासन कस्बे में सफाई की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर रहा है। वहीं दीपावली पर घरों में होने वाली सफाई के चलते गलियों में कचरे के ढेर लग चुके है।


फोगिंग भी बेअसर
कचरे व गदंगी से पैदा हो रहे मच्छरों से निजात दिलाने के लिए कस्बे में एक दिन चिकित्सा विभाग ने फोगिंग भी की, लेकिन अधिक मात्रा में कचरा जमा होने से पैदा होने वाले मच्छरों से फोगिंग भ्ी निजात नहीं दिला पाई है। चिकित्सा कर्मियों का कहना है कि सफाई व्यवस्था के अभाव में फोगिंग भी कारगर साबित नहीं होगी।

वैकल्पिक व्यवस्था होगी
विकास अधिकारी मुकेश पोरवाल का कहना है कि कस्बे में कचरे के ढेर लग गए है। सरपंच भगवान सहाय व सचिव को सफाई कर्मियों के नहीं मानने पर एक-दो में वैकल्पिक व्यवस्था कराने के लिखित व मौखिक में निर्देश दिए गए है। ऐसा नहीं करने पर सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।