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बरसात से सडक़े हुई जख्मी, दो विभागों के बीच फंसा सडक़ मरम्मत कार्य

Pawan Kumar Sharma

Publish: Sep 21, 2019 18:12 PM | Updated: Sep 21, 2019 18:12 PM

Tonk

शहर के कोटा रोड की सीधी-सपाट सडक़ पर बारिश के बाद हुए दो गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं।

 

देवली. शहर के कोटा रोड की सीधी-सपाट सडक़ पर बारिश के बाद हुए दो गड््ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। गड्डों के आकार भी इतने बड़े कि पूरी कार समा जाए, लेकिन शिकायतों के बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग गड्ढ़े को भराने व आमजन को राहत दिलाने के प्रति ध्यान नहीं दे रहा है।

सालों से क्षतिग्रस्त हुई कोटा रोड गत दो वर्ष पहले ही नई बनाई गई। इसके तहत बारिश के पानी भरने वाले स्थानों पर करीब सौ मीटर लम्बी सीसी सडक़ बनाई गई। जबकि शेष तीन से चार किमी. सडक़ डामरीकृत बनाई गई। ताकि बारिश से सडक़ खराब न हो। उक्त सडक़ दो स्थानों पर डामर सडक़ से जुड़ी है।

इन मिलाव बिन्दू पर गत दिनों हुई बारिश से गहरे गड्डे हो गए। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इनमें एक गड्ढा पेयजल टंकी के समीप व दूसरा कोटा चंूगी नाके से महज कुछ मीटर आगे है। जहां सीसी व डामर सडक़ के मिलाव बिन्दू पर दो से तीन फीट गहरा गड्डा हो गया।

समस्या इतनी गंभीर है कि इन गड्डों में गिरकर दुपाहिया चालक चोटिल हो रहे है। वहीं चौपाहिया वाहन फंसकर खराब हो रहे है। इसके अलावा बारिश का पानी भरने से गड्डे दिनों गहरे हो रहे है। जिनसे निकलना रोडवेज बसों के लिए भी मुश्किल भरा हो रहा है।

गुरुवार सुबह गड्ढे डे में फंसकर सवारी जीप खराब हो गई। इसे बाद में मरम्मत कर गड्ढे से निकाला गया। वहीं शुक्रवार दोपहर बाइक सवार दो जने गड्ढे में गिरकर चोटिल हो गए। इस बारें में सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अनिल कुमार वर्मा का कहना है कि उक्त सडक़ एनएचआइ के अधीन थी। इसे पीडब्ल्यूडी को सौंपा गया या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। समस्या का अवलोकन किया गया है, जल्द ही राहत के प्रयास किए जाएंग।

क्षतिग्रस्त रोड होने के बावजूद वसूल रहे टोल
देवली. जयपुर-कोटा मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बावजूद वाहनो से बिना सुविधा के टोल राशि वसूलने वसूल की जा रही है। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश प्रभारी पंकज शर्मा बताया कि जयपुर से कोटा जाने के दौरान वाहन चालकों का शिवदासपुरा, टोंक व हिण्डोली टोल चुकाना पड़ता है।

उक्त राजमार्ग पर कई जगहों पर गड््डे है तथा अधिकतर सडक़ क्षतिग्रस्त है। वहीं पूरे राजमार्ग पर कई जगहों पर गायों व मवेशियों का जमावड़ा रहता है। इससे सडक़ हादसों में इजाफा हो रहा है। इतने लम्बे सफर होने के बावजूद टोल कम्पनी की ओर से हेल्प लाइन नम्बर नहीं लगाए गए है। वहीं टोल रोड पर सुविधाएं नहीं होने की शिकायत करने पर कर्मचारी पुलिस में मामला दर्ज कराने की धमकी देती है।