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सामान्य लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है लोक अदालतें -उमेश वीर

Pawan Kumar Sharma

Publish: Sep 15, 2019 20:30 PM | Updated: Sep 15, 2019 20:30 PM

Tonk

Lok Adalat: लोक अदालत में समय व धन की बचत होती है। सामान्य लोगों के लिए लोक अदालतें वरदान साबित हो रही है।

 

निवाई. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सभागार में शनिवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उमेश वीर कीअध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। लोक अदालत में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उमेश वीर ने कहा कि लोक अदालत में समय व धन की बचत होती है।

सामान्य लोगों के लिए लोक अदालतें वरदान साबित हो रही है। विधि एवं मानवाधिकार विभाग के अध्यक्ष बनवारीलाल यादव ने बताया कि लोक अदालत में राजीनामें करवाकर फौजदारी, सिविल विवाद व बैंक रिकवरी मामले वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद, पानी व बिजली के बिल एवं घरेलु हिंसा सहित दर्जनों मामलों का निस्तारण किया गया।

इस अवसर पर बार अध्यक्ष एडवोकेट गोपाल चौधरी, पूर्व बार अध्यक्ष नरेन्द्र जाट, विधि व मानवाधिकार विभाग अध्यक्ष बनवारीलाल यादव, महासचिव दयाराम गुर्जर, गिरधरसिंह तंवर सहित कई अधिवक्ता मौजूद थे। इसी प्रकार मुन्शीफ न्यायालय में न्यायिक मजिस्ट्रट प्रीति चौधरी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ।

लोक अदालातों में 544 प्रकरणों का हुआ निस्तारण
टोंक. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टोंक के सचिव पंकज बंसल ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न मामलों का राजीनामे से निस्तारण किया गया। इस अवसर पर जिले के समस्त न्यायिक न्यायालयों में लंबित श्रेणी के 226 9 प्रकरण रखे गए, जिसके लिए 18 लोक अदालत बैंचों का गठन किया गया था। लोक अदालतों में 544 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। प्री-लिटिगेशन श्रेणी के 218 6 प्रकरण रखे गए, जिनमें से 8 1 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।


जिला मुख्यालय एवं जिले के विभिन्न न्यायालयों में लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न विभागों यथा बैंक संस्थान, जलदाय विभाग, बिजली विभाग आदि से संबंधित प्री-लिटिगेशन प्रकरणों एवं न्यायालयों में लंबित सिविल एवं फ ौजदारी प्रकरणों का निस्तारण किया गया।