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हादसों का है डर, कासीर के ग्रामीण भयभीत

Mohan Lal Kumawat

Publish: Sep 17, 2019 10:21 AM | Updated: Sep 17, 2019 10:21 AM

Tonk

बीसलपुर बांध इस वर्ष अपने पूर्ण भराव 315.50 आरएल मीटर के आंकड़े को छूकर कीर्तिमान स्थापित कर चुका है। इसमें पर्याप्त पानी आने की प्रदेश का आधा हिस्सा खुशी मना रहा है। वहीं दूसरी ओर बीसलपुर के भराव क्षेत्र नेगडिय़ा के समीप स्थित कासीर गांव के लोग इन दिनों हादसे के साए में जी रहे हैं।

देवली. बीसलपुर बांध Bisalpur Dam इस वर्ष अपने पूर्ण भराव Full fill 315.50 आरएल मीटर के आंकड़े को छूकर कीर्तिमान स्थापित Record set कर चुका है। इसमें पर्याप्त पानी enough water आने की प्रदेश का आधा हिस्सा खुशी Half of the state happiness मना रहा है।

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वहीं दूसरी ओर बीसलपुर के भराव क्षेत्र नेगडिय़ा Filler area के समीप स्थित कासीर गांव के लोग इन दिनों हादसे के साए में जी रहे हैं। जहां बनास का पानी Banas water गांव की सीमा का स्पर्श कर चुका है। इससे गांव भूमिगत जलस्तर बढकऱ Village underground water level आए दिन हादसे हो रहे Accidents are happening हैं।

गौरतलब हैकि बीसलपुर बांध पूर्ण भराव के साथ ही नेगडिय़ा से गुजर रही बनास का पानी कासीर गांव के समीप आता है। बनास का उक्त पानी कासीर को दो दिशाओं से घेर लेता है। इसमें गत 7-8 वर्ष पूर्व क्षेत्र की सबसे बड़ी नाव दुखान्तिका हुई थी।

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इसमें करीब एक दर्जन महिलाएं A dozen women बनास के भराव में नाव डूबने से काल का ग्रास The time of the boat due to sinking बनी थी, लेकिन इस साल कासीर के ग्रामीणों की चिन्ता दूसरे प्रकार की है। जहां बनास का पानी गांव के समीप आने से गांव की भूमि में बेहद नमी आ गई। इसके चलते आए दिन गांव की भूमि धंस रही है। ऐसे कई हादसे हो चुके हैं।

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गिर गया ग्रामीण
ग्रामीण सत्यनारायण शर्मा व शंकर जांगिड़ ने बताया कि गत दिनों ऐसा ही एक हादसा हुआ। गांव में केसरलाल जाट अपने मकान पर सो रहा था। जहां अचानक जमीन भरभराकर धंस गई। हादसे में करीब 7 से 8 फीट गहरा गड्डा हो गया। उसमें से पानी दिखाई देना लगा।

हालंाकि हादसे में केसरलाल समीप गिर गया और इससे उसके सिर पर चोट आई है। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार गांव के शंकर, चांदमल शर्मा, भारत सिंह, श्रवणलाल जाट का मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बनास का पानी गांव से महज 70 से 80 मीटर की दूरी पर है। ऐसे में उक्त पानी से गांव की भूमि में नमी आ गई। इससे उक्त हादसे हो रहे है।

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उन्होंने बताया कि गांव के समीप बनास का पानी आने से भूमिगत जल स्तर बढ़ गया तथा भूमि धंस रही है। लिहाजा ऐसी स्थिति मेें ग्रामीणों को रात को सोते वक्त भी हादसे का भय सता रहा है। ग्रामीण इस बात को लेकर आशंकित है कि कब, किस समय, किसका मकान ध्वस्त हो जाए। इसे लेकर ग्रामीणों ने गत दिनों उपखण्ड अधिकारी को सूचना दी थी।


ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे उपखण्ड अधिकारी अशोक कुमार त्यागी के निर्देश पर देवली तहसीलदार रमेशचंद जोशी कासीर गए। तहसीलदार ने बताया कि बनास के भराव के समीप एक अचानक गहरा गड्डा हुआ था। इसमें एक ग्रामीण का सामान भी जमींदोज हो गया। ऐसा ग्रामीणों ने बताया है।


स्कूल में ठहराया
मौका देखना से यह कहा जा सकता है कि समीप भरे पानी से गांव में भूमिगत पानी की मात्रा बढ़ी है। इस वजह से कई मकानों में दरारें आ गई। वहीं कुछ कच्चे मकान ध्वस्त हो गए। ध्वस्त हुए मकानों के ग्रामीणों को गांव की स्कूल सहित सुरक्षित भवनों में ठहरने की व्यवस्था की गई है। भूमिगत पानी का क्या स्तर है, इस बारे में कोई विशेषज्ञ ही बता सकता है।


फिलहाल पटवारी से इस प्रकार से हुए नुकसान की रिपोर्ट ली जा रही है। पटवारी पंकज जैन ने बताया कि कासीर गांव में एकाएक हुए गड्डे का अवलोकन किया था। उसमें पानी भी दिखाई दिया है। ग्रामीणों से जानकारी जुटाई जा रही है।