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दिन में बिजली के लिए किसानों ने किया प्रदर्शन

Jalaluddin Khan

Publish: Dec 10, 2019 16:37 PM | Updated: Dec 10, 2019 16:37 PM

Tonk

टोंक. रात के स्थान पर दिन में बिजली उपलब्ध कराने की मांग को लेकर लाम्बा गांव के किसानों ने सोमवार को विद्युत वितरण निगम के जीएसएस मेहंदवास में प्रदर्शन किया।

उन्होंने सहायक अभियंता का घेराव कर प्रदर्शन किया। किसान कैलाश तिवाड़ी, अवधेश शर्मा, दीनदयाल शर्मा, अशोक व्यास, हरिलाल जाट, अशोक जाट आदि ने बताया कि इन दिनों रबी की फसल में सिंचाई की जरूरत है।

वहीं विद्युत वितरण निगम की ओर से दिन में बिजली कटौती की जाती है। निगम की ओर से किसानों को रात के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

जबकि इन दिनों तेज सर्दी होने के चलते किसान सिंचाई करने में परेशान होते हैं। कड़ाके की ठण्ड के बीच मजबूरन किसानों को रात के समय फसलों में सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे उन्हें परेशानी हो रही है।

दिन में बिजली उपलब्ध कराने को लेकर कई बार निगम अभियंताओं को अवगत कराया गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में किसानों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने रबी की फसल में सिंचाई के लिए दिन में बिजली आपूर्ति कराने की मांग की।

इस पर सहायक अभियंता अशोक जांगिड़ ने दिन में बिजली आपूर्ति कराने का आश्वासन देकर किसानों को शांत किया।

बजरी खनन से परेशान किसान
जिले से गुजर रही बनास नदी में रोक के बावजूद बजरी का खनन शिकायतों के बाद भी नहीं रुक रहा है।

जबकि जिला प्रशासन एसआइटी का गठन कर रोकने का प्रयास कर रही है, लेकिन सच्चाई ये है कि प्रशासन की ओर से गठित एसआइटी और अधिकारी-कर्मचारी बजरी खनन पर अनदेखी बरत रहे हैं।

इसका कारण है कि बजरी खनन लगातार जारी है। ऐसी ही अनदेखी बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की एक शिकायत गहलोद निवासी किसानों ने जिला कलक्टर से की है।

इसमें ब्रजराज, मेवाराम, रोश, रामचन्द्र, हंसराज, रामलाल, नेमराज आदि ने बताया कि क्षेत्र स्थित बनास नदी में बजरी का खनन व परिवहन लगातार जारी है।

खननकर्ताओं का गिरोह ट्रैक्टर-ट्रॉली व ट्रकों में बजरी का खनन कर परिवहन करा रहे हैं। वे बनास नदी से गांव के मुख्य रास्ते पर तेज गति से बजरी से भरे वाहन ले जाते हैं।

साथ ही खेतों के किनारे बजरी के ढेर लगा रहे हैं। मना करने पर झगड़ा करते हैं। बजरी के परिवहन व भण्डारण से उनकी फसलें नष्ट हो रही है।


ऐसे में उन्होंने बजरी का खनन व परिवहन बंद कराने की मांग की है।

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