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3५ साल बाद भी नगर परिषद कारी की नहीं बदली तस्वीर

Akhilesh Lodhi

Publish: Sep 11, 2019 08:00 AM | Updated: Sep 10, 2019 19:46 PM

Tikamgarh

मुख्यालय के नजदीक कारी को 3५ वर्ष पूर्व नगर परिषद का दर्जा मिला था।

टीकमगढ़/कारी.मुख्यालय के नजदीक कारी को 3५ वर्ष पूर्व नगर परिषद का दर्जा मिला था। जब से अब तक नगर परिषद में न तो यहां के सत्ताधारी जनप्रतिनिधि स्वास्थ्य केंद्र को दिलवा पाए, न ही मुख्य मार्ग से अच्छी सड़क, हायर सेके ण्डरी स्कूल और न ही वार्डो में मूलभूत सुविधाओं को मुहैया करा पाए। जिसके कारण कारी नगर परिषद के लोग आज भी अपने आपको ठगा सा महसूस करते नजर आ रहे है।
वर्ष १९८४ में 13 गांवों को मिलाकर कारी को ग्राम पंचायत से नगर परिषद का दर्जा मिले 3५ वर्ष बीत चुके है। इसके बाद भी जिम्मेदारअभी तक वार्डो में पीने के पानी के साथ सड़क तक नहीं पहुंचा पाए है। बीमारी से राहत पाने के लिए स्वास्थ्य केंद्र नहीं खुलवा पाए। यह है नगर परिषद कारी। इस नगर परिषद में अध्यक्ष हमेशा सत्ताधारी दल का ही रहा है। जनप्रतिनिधियों द्वारा सबसे ज्यादा घोषणाएं कारी में ही की गई है। इसके बाद भी हालात बद से बदत्तर पड़े हुए है।
30 हजार की है आबादी
वीरन यादव, संतोष, पंकज साहू, राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि कारी नगर परिषद में 30 हजार से अधिक जनसंख्या निवास करती है। जिसमें 15 वार्डो को बनाया गया है। इसके साथ ही वार्डो में पार्काे का निर्माण किया गया है। लेकिन निर्माण होते ही जिम्मेदार भूल गए है। जिसके कारण उनकी हालात खस्ताहाल हो गई है। वहीं प्रधानमंत्री की स्वच्छता को भी ग्रहण लग गया है।
सड़क और हायर सेकेडंरी की वर्षो से की जा रही मांग
नितिन सैनी, अरविंद्र यादव, ने बताया कि जिले की एक मात्र 3५ वर्ष पूरानी नगर परिषद जहां के लिए न तो सड़क है और न ही हायर सेकेण्डरी के साथ स्वास्थ्य केंद्र। इसके साथ ही वार्डो में पेयजल की आज भी परेशानी बनी हुई है। सड़कों पर कचरा और खुले कुओं का पानी पीने को मजबूर है। लेकिन नपा को सुविधाओं के नाम पर कर हर वर्ष देना होता है। नहीं तो सरकारी कानूनों का सहारा लेना पड़ता है।


इन गांवों के बद से बदत्तर हालात
कारी नगर परिषद के बजरूआ, कंचनपुरा, अगौर, ढिमौला, गुरार, पगरऊ, ढोंगा, बगाई, बैलयाना, जर्रा और कारी नगर में आजादी के बाद कोई विकास कार्य नहीं दिखा है। इसके साथ ही तालाब से खंदिया तक की सड़क भी नहीं डाली गई है। जहां से कारी सहित क्षेत्र के ग्रामीणों का आना जाना बना रहता है। इसके साथ ही कई वार्डो में स्वच्छता अभियान की धज्जियां उडाई जा रही है। मामले को लेकर उपयंत्री अशोक शाह का कहना है कि जल्द ही नगर की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।
दुकानें नहीं हो पाई नीलाम
नगर में नगरपरिषद द्वारा १० वर्ष पूर्व ४ दुकानें और २४ दुकानों का निर्माण किया गया था। लेकिन नगरपरिषद द्वारा इन दुकानों का नीलाम नहीं किया गया। जिसके चलते यह दुकानें खण्डहर होती जा रही है।
वर्ष 2002 में कारी पहुंचे थे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह
नगर परिषद कारी में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आए थे। उनसे लोगों ने सड़क,बस सुविधा और स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने की मांग की थी। लेकिन उन मांगों को आज तक पूरा नहीं कर पाए है। जिस मांग का नगरवासी आज भी इंतजार कर रहे है।
इनका कहना
नगर विकास के लिए जनप्रतिनिधियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र दिए गए है। लेकिन उनके द्वारा नगर के लोगों को सुविधाएं नहीं दी जा रही है। जिसके कारण विकास कार्य रूका हुआ है।
लच्छी-छक्कीलाल कुशवाहा अध्यक्ष नगरपरिषद कारी।