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गणवेश को लेकर न ही विभाग में बैठक और न ही कोई चर्चा

Akhilesh Lodhi

Publish: Aug 17, 2019 08:00 AM | Updated: Aug 16, 2019 19:35 PM

Tikamgarh

सरकार बदलते ही प्राथमिक और माध्यमिक छात्रों को मिलने वाले गणवेश के नियम भी बदलने की चर्चा विभाग में तेज हो गई है।

टीकमगढ़.सरकार बदलते ही प्राथमिक और माध्यमिक छात्रों को मिलने वाले गणवेश के नियम भी बदलने की चर्चा विभाग में तेज हो गई है। पहले डे्रस दी जाती थी अब राशि देने की बात की जा रही है। आधा अगस्त निकल गया है, आज स्वतंत्रता दिवस है। पहली बार स्कूल के बच्चें राष्ट्रीय त्योहार पर पुराने गणवेश के साथ रंग बिरंग कपड़ों में जाएगें। वहीं गणवेश में देरी होने की जानकारी बताने में भी जिला शिक्षा केंद्र के जिम्मेदार अधिकारी बचते नजर आ रहे है।
कई सालों से प्रदेश सरकार जून माह में गणवेश की व्यवस्थाएं कर लेता था। जुलाई के अंत तक गणवेशों को बांट देता था। लेकिन इस बार शासकीय विद्यालयों में छात्र-छात्राएं स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय त्योहार पुरानी यूनिफॉर्म में ही मनाएगी। प्रति वर्ष १५ अगस्त तक मिल जाने वाली गणवेश अभी तक नहीं दी गई है। गणवेश मिलना तो दूर इसकी राशि को लेकर अभी तक आदेश जारी भी नहीं किए गए है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शासन स्तर से प्राथमिक और माध्यमिक शाला के बैंक खातों में राशि आ जाएगी। लेकिन गणवेश को लेकर जिला के साथ प्रदेश में कोई चर्चा सुनने को नहीं मिल रही है।
२३०१ स्कूल के २ लाख २१ छात्र-छात्राएं
१० वर्षो से अधिक समय में पहली बार यह होगा कि स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों को पुरानी या फिर सामान्य कपड़ों में विद्यालया पहुंचाना पड़ेगा। जबकि अब तक प्रतिवर्ष बच्चों को गणवेश मिल जाती थी। राष्ट्रीय त्योहार पर किसी भी हालत में नया गणवेश पहनकर जाते थे। लेकिन इस गणवेश को लेकर विभाग और सरकार नीति समझ में नहीं आ रही है। जिले में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय २३०१ है। उनमें अध्ययनरत छात्र २ लाख २१ हजार है। जिनको गणवेश दिया जाएगा।
खातों में जाएगी राशि
शासन द्वारा बच्चों को गणवेश खरीदने उनके खातों में राशि डाली जाएगी। पिछले वर्ष प्राथमिक शालाओं के बच्चों कोो स्वसहायता समूहों के माध्यम से गणवेश तैयार कराकर वितरित की गई थी। वहीं माध्यमिक शालाओं के बच्चों के खातों में राशि डाली गई थी। इस वर्ष प्राथमिक और माध्यमिक शालाओंं में बच्चो के खातों में राशि डाली जाएगी। बच्चों को गण्धवेश के लिए कितनी राशि दी जाएगी। यह भी स्पष्ट नहीं है। पिछले वर्ष छात्रों को ६०० रुपए दिए गए थे। जिसमें बच्चों को दो जोड़ी गणवेश क्रय करनी थी।


आदेश आने के बाद भी लगेगा एक माह
बच्चों के खातों की परेशानी से भी निपटना पड़ेगा। इसके लिए विद्यालय प्रबंधन को बच्चों से उनके खातों का संकलन करना पड़ेगा। इसके बाद संबंधित बैकों के खातों की छटाई तक सूची बनाकर बैंकों को देनी होगी। जिन बच्चों के खातें नहीं है। उनके खाते बैंकों में खुलवाने होगें। तब कही जाकर बच्चें बाजार से गणवेश खरीद सकेंगे। इस प्रक्रिया से लम्बा समय लगेगा। स्थिति ये है कि यदि आज आदेश आ जाए तो पूरी प्रक्रिया में कम से कम एक माह लगेेगा। तब तक बचे इसी तरह पुरानी यूनिफॉर्म में आएगें। हालांकि दिसम्बर माह में गणवेश आने की चर्चा की जा रही है।
फैक्ट फाइल
जिले में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों की कुल संख्या - २३०१
जिले में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में कुल छात्रों की संख्या- २ लाख २१ हजार
प्रत्येक छात्र को गणवेश के लिए कुल - ६०० रुपए
कुल राशि १३ करोड़ २६ लाख रुपए
इनका कहना
इस वर्ष गणवेश को लेकर जिला से लेकर प्रदेश तक कोई चर्चा नहीं है। इसके साथ ही बच्चों के गणवेश को लेकर न ही कोई बैठक आयोजित की गई है। छात्रों का गणवेश जरूर आएगा। इसके साथ ही छात्रों के बैंक खातों में जल्द ही पहुंचाया जाएगा।
हरिश्चंद्र दुबे डीपीसी जिला शिक्षा केंद्र टीकमगढ़।