स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

हैंडपंप खराब, टंकी में भर रहा बारिश का पानी पेयजल के भटक रहे मरीजों के परिजन

Nitin Sadaphal

Publish: Sep 21, 2019 10:00 AM | Updated: Sep 21, 2019 02:37 AM

Tikamgarh

स्वास्थ्य केन्द्र के हाल बेहाल : घर से ला रहे पानी

 

चंदेरा. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केन्द्रों में मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। पेयजल के लिए भी मरीजों को भटकना पड़ रहा है। चंदेरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। यहां मरीज को दवा गटकने तक के लिए पानी नहीं मिल पाता। ऐसे मे बाहर से बोतलबंद पानी खरीदकर लाना पड़ रहा है। डॉक्टर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले चंदेरा को वाटरकूलर दिया गया था । लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री की सभा के दौरान यह जरूआ स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर जिला प्रशासन ने रखवा दिया। बाद में यह कूलर चंदेरा के स्थान पर जरूआ के लिए ही स्वीकृत कर दिया गया। वहीं विभागीय अधिकारी बताते हैं कि अस्पताल की ऊपरी तल पर एक टंकी रखी गई है जिसे नल से जोड़ा गया है लेकिन वास्तविकता बिलकुल विपरीत नजर आई। क्योंकि नल में आज तक पानी नहीं आया। वहीं टंकी अस्पताल परिसर के बाहर बारिश का पानी सहेजने वाला एक बर्तन बनकर रह गई है। पास ही में लगे दोनों हैंडपम्प किसी काम के नहीं हैं। हैंडपंप के पास गंदगी के कारण लोग यहां से पानी लेने से परहेज करते हैं। ऐसे में मरीजों को या तो अपने घर से या बाहर से बोतलबंद पानी खरीदकर लाना पड़ रहा है।
चंदेरा निवासी शंकर बाबा ने बताया कि यहां उनके एक रिश्तेदार जगदीश प्रसाद भर्ती हैं। पीने के पानी के लिए एक किलोमीटर जाना पड़ता है। अगर वाहन न लिए हो तो और ज्यादा समस्या हो जाती है। वही ग्राम स्यावनी निवासी जगत राम आदिवासी ने बताया की वह दो दिन से यहां है, कोई रिश्तेदार नहीं आया। आर्थिक तंगी की हालत होने से हर दो घंटे में बाहर से बोतल खरीदकर लाना उसके बस की बात नहीं है।
निरीक्षण के बाद भी समस्या पर नहीं देते ध्यान
अस्पताल खोलने के बाद प्रशासनिक अमले द्वारा लगातार निरीक्षण तो किए गए पर इस समस्या की तरफ किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं गया। कुछ समय तत्कालीन एसडीएम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। अधिकारी ने पेयजल व्यवस्था की सुध नहीं ली।

मुश्किल से होता है पानी का जुगाड़
पिछले कुछ समय से यहां ऐसी ही व्यवस्था है। बाहर से पानी लाना लोगों की मजबूरी है। ऐसे में मरीज को अस्पताल में छोड़कर उनके परिजन एक किलोमीटर का सफ र तय कर स्थानीय बस स्टैंड से पानी लाते हैं। गर्मी के मौसम में समाजसेवियों ने अस्थायी तौर पर परिसर के प्रवेश द्वार पर पेयजल की व्यवस्था की थी, लेकिन अब वह भी ठप हो गई है।

संबंधित विभाग को हैंडपंप सुधार के लिए कई बार पत्र लिखा जा चुका है। पानी की समस्या से निजात पाने के लिए अस्पताल के लिए शीघ्र ही वाटर कूलर की व्यवस्था कराई जाएगी। बिजली के लिए इनवर्टर
भेजा जाएगा।
डॉ विजय जैन, बीएमओ, जतारा

हैंडपम्प खराब होने की हमारे पास कोई सूचना नहीं आई है। फिर भी खराब है तो दिखवा दूंगा।
अनीस खरे, एसडीओ, पीएचई विभाग, जतारा