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तेजस्विनी कार्यक्रम की समीक्षा करने इटली से आया दल, महिलाओं से ली जानकारी

Sanket Shrivastava

Publish: Sep 11, 2019 09:16 AM | Updated: Sep 10, 2019 23:50 PM

Tikamgarh

अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष दल का भ्रमण

 

निवाड़ी. जिले में तेजस्विनी परियोजना में किए गए कार्यों और उपलब्धियों के मूल्यांकन एवं समीक्षा के लिए आईएफ एडी के स्वतंत्र दल द्वारा मंगलवार दोपहर निवाडी जिले के कुलुवा भाटा और थौना गांव जाकर निरीक्षण किया गया।
जिसमें समूह की महिलाओं से जानकारी ली गई। खास बात है कि इंटरनेशनल फं ड फ ॅार एग्रीकल्चर डेवलपमेंट के वित्तीय सहयोग से पिछले 12 वर्षों से तेजस्विनी परियोजना का क्रियान्वयन छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, मंडला, बालाघाट एवं डिंडोरी जिलों में किया जा रहा है। निरीक्षण दल में इटली से आई शैली स्मिथ एवं ओवेन ने महिलाओ से परियोजना को लेकर पूछताछ की। इस दौरान तेजस्विनी कार्यक्रम में उप कार्यक्रम निदेशक बी टी पाण्डेय, एम के चतुर्वेदी एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनोज नायक शामिल थे।
इस दौरान दल ने महिलाओं से सबसे पहले पूंछा कि वह इस कार्यक्रम से क्यों जुड़ी। महिलाओं ने बताया कि हमें लोग समूह के माध्यम से अपना आर्थिक रूप से जीवन स्तर ऊँचा उठाने के लिए परियोजना द्वारा प्रेरित किया गया।
जिससे लोगों के समूह बनाकर राशि एकत्रित कर बैंक खाता खुलवाया और इस एकत्रित राशि से समूह के सदस्यों ने सस्ती ब्याज दर पर कर्ज लेकर अपना रोजगार स्थापित किया।
भोलेनाथ समूह से जुड़ी मीरा कुशवाहा, जय माँ काली समूह की ममता कुशवाहा , कारसदेव समूह की अध्यक्ष कुंजन कुशवाहा ने तेजस्विनी के इस उपक्रम से विगत कुछ वर्षों में ही हमने कर्ज लेकर अपना व्यवसाय आरंभ किया था । उन्होंने बताया कि गांव में संचालित 6 समूह अपना अलग अलग कारोबार करते रहे है। जिसमें साड़ी खरीद कर उस पर कढ़ाई ,मसाला उद्योग अचार निर्माण,पशु चारा,सफेद मूसली का उत्पादन, किराना, जनरल स्टोर सहित अनेक व्यवसाय आरंभ किए।
खेती से जुड़े व्यापार पसंद
शैली स्मिथ के पूछे गए सभी सवालों का जबाब महिलाओं ने बेबाकी से दिए। उन्होंने पूछा कि तेजस्विनी उपक्रम अब समाप्त होने वाला है। अब किसके सहारे अपना व्यवसाय करेगी। महिलाओं ने कहा कि अब हम लोगों को किसी के सहारे की आवश्यकता नहीं है। हम लोग अपना अपना व्यवसाय चलाने में सक्षम है। इटली से आए दल ने महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद एवं कार्यशैली देखने के बाद उन्होंने कहा कि महिलाओं में निर्णय लेने की क्षमता, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास दिखा। दल ने महिलाओं से पूछा कि इसके अलावा वह और क्या काम करना चाहती है। महिलाओं ने कहा कि हम किसान की बेटी है । इसलिए हम कृषि आधारित कार्य करना चाहते है।