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'किसान स्वयं का बीज, खाद एवं जैविक कीटनाशक बनाकर करें उपयोग

Nitin Sadaphal

Publish: Sep 10, 2019 10:14 AM | Updated: Sep 10, 2019 01:04 AM

Tikamgarh

फसल को बचाने के उपाय बताए

टीकमगढ़. मुख्यमंत्री खेत तीर्थ योजना के तहत टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिले के पांचों विकासखण्ड के लगभग 50 किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र टीकमगढ़ में खेती के गुर सिखाए गए। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बीएस किरार, वैज्ञानिक डॉ आरके प्रजापति, यूएस धाकड़ एवं डॉ आई डी सिंह ने खरीफ फसलों में सोयाबीन, उड़द, तिल के खरपतवार एवं पौध संरक्षण की जानकारी दी।
उपसंचालक कृषि एसके श्रीवास्तव ने कृषकों को योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ बीएस किरार ने कृषकों को आय दोगुनी करने के लिए परम्परागत खेती के साथ कृषि अन्य घटक जैसे मधुमक्खी पालन, फल, फूल, सब्जी, मशरूम, डेयरी एवं मुर्गीपालन के साथ स्वयं का बीज, खाद एवं जैविक कीटनाशक के बारे मेंं जानकारी दी। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ यूएस धाकड़ खरीफ फसलों में जल निकास, खरपतवार प्रबंधन एवं बीज उत्पादन के बारे में समझाया वैज्ञानिक डॉ आर के प्रजापति ने कृषकों को खरीफ फसलों में पौध संरक्षण एवं पीला मोजेक वायरस के प्रभावी नियंत्रण उपाय बताए। वैज्ञानिक डॉ. आई डी सिंह ने मृदा परीक्षण एवं संतुलित पौषक तत्व प्रबंधन से कम लागत में अधिक उत्पादन के बारे में बताया। कृषकों ने कृषि विज्ञान केंद्र के फसल प्रदर्शनों का अवलोकन किया।