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बच्चों पर मानसिक दबाव कम करने खुलेंगे काउंसिलिंग सेंटर

Nitin Sadaphal

Publish: Oct 20, 2019 10:28 AM | Updated: Oct 20, 2019 01:57 AM

Tikamgarh

सरकारी स्कूलों में नवाचार: ९वीं से १२वीं तक के विद्यार्थियों को मिलेगा मार्गदर्शन

टीकमगढ़. सरकारी स्कूलों में हर वर्ष कक्षा ९वीं से १२ वीं तक के अनेक छात्र शिक्षकों और परिजनों से दूरियां बना लेते है। जो पढ़ाई छोडऩे के साथ गलत रास्तों को चुन लेते है। ऐसे छात्रों को भटकने से रोकने के लिए नवाचार किया जा रहा है। इस योजना में टीकमगढ़ जिले के ४७ हजार और निवाड़ी जिले के २० हजार विद्यार्थियों की मानसिक समस्या को दूर करने के लिए काउंसलिंग सेंटर खोले जाएगें।
दरअसल किशोरावस्था जीवन का ऐसा मोड़़ है। जहां हर किसी में जबर्दस्त बदलाव देखने को मिलते है। खासकर विद्यार्थी इस अवधि में हार्मोन चैंलेज के कारण परिजनोंऔर शिक्षकों की दूरी बना लेते है। कभी-कभी कुंठित होने की स्थिति में गलत कदम उठा लेते है। ऐसे छात्र मानसिक रूप से परेशान न हो पाए। इसके लिए शिक्षा विभाग ने योजना चालू करने की तैयारी कर रही है। इस योजना के तहत जिले में काउंसलिंग सेंटर बनाए जाएंगें। इन सेंटरों द्वारा छात्रों का मनोबल बढ़ाने और उनके सपनों को पूरा करने में सहायता प्रदान की जाएगी।
कक्षा ९वीं और १२वीं में पढऩे वाले बच्चों की काउंसलिंग होगी। इसके लिए निवाड़ी और टीकमगढ़ जिले के ५ ब्लॉकों में काउंसलिंग सेंटर खोले जाएगें। प्रत्येक सेंटर पर दो काउंसलर होगें। यहा काउंसलिंग निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों की होगी। इन कक्षाओं में पढऩे वाले छात्रों में परिर्वतन होता है। उनमें मनोवैज्ञानिक की जरूरत की पूर्ति के लिए नवाचार योजना को चलाया गया है।
काउंसलिंग है जरूरी
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिस समय छात्रों को अभिभावकों और शिक्षकों की जरूरत पड़ती है। उसी समय उन पर सपनों के साथ कॅरियर का दबाव होता है। उसी बीच दोनों से छात्रों की बातचीत कम हो जाती है। वह अपनी परेशानियों के बारे में किसी से कुछ नहीं कह पाते है। इसी उम्र में उन्हें दिशा की जरूरत पड़ती है।
काउंसलर बनने इन्हें दी जाएगी प्राथमिकता
काउंसलर नियुक्ति में उन्ही शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिनके पास आर्हता हो और काउंसलर बनने की इच्छा रखते हो। काउंसलर के लिए शैक्षणिक योग्यता मनोवैज्ञान, समाज शास्त्र, मास्टर ऑफ सोशल वर्क, पीजी डिप्लोमा, इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग, एमएड मांगी गई है। जिसमें आयु सीमा ५० वर्ष रखी गई है।

&शासन के आदेश पर हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्कूलों के छात्रों मनोवैज्ञानिक की पूर्ति के लिए जिले के प्रत्येक ब्लॉक में काउंसलिंग सेंटर खोले जाएगें। इन सेंटरों के माध्यम से छात्रों को नई दिशा और प्रगति की ओर ले जाने की तैयार की जा रही है।
जेएस बडकड़े, डीईओ टीकमगढ़