स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

दो घंटे बाद मिली प्रसूता को एम्बुलेंस, बच्चा मृत

Sanket Shrivastava

Publish: Sep 19, 2019 08:21 AM | Updated: Sep 18, 2019 22:33 PM

Tikamgarh

सामने खड़ी थी एम्बूलेंस, डॉक्टर करते रहे भोपाल के कॉल का इंतजार

 

बल्देवगढ़. अस्पताल प्रबंधन के नियम एक प्रसूता के लिए भारी पड़ गए। लगभग दो घंटे बाद मिली एम्बूलेंस सुविधा के बाद जिला अस्पताल पहुंची प्रसूता ने मृत बच्चें को जन्म दिया। इसके लिए परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। विदित हो कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एम्बूलेंस खड़ी होने के बाद भी बीएमओ भोपाल से कॉल आने का इंतजार करते रहे।
स्थानीय हरिजन बस्ती निवासी राधा पत्नी शनि वंशकार 25 वर्ष को बुधवार की सुबह 8 बजे प्रसव पीड़ा हुई। इस पर परिजन उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द पहुंचे। यहां पर डॉक्टरों ने राधा को भर्ती कर लिया। राधा के भर्ती होने के बाद जब उसे लगातार ब्लीडिंग होती रही तो डॉक्टरों ने लगभग एक घंटे बाद उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जिला अस्पताल आने के लिए जब परिजनों ने एम्बूलेंस की मांग की तो डॉक्टरों ने 108 पर कॉल करने को कहा।
सामने खड़ी थी एम्बूलेंस: 108 पर कॉल करने के बाद परिजन एम्बूलेंस आने का इंतजार करते रहे। लगभग आधा घंटे होने पर भी जब एम्बूलेंस नहीं आई तो परिजनों ने बीएमओ से सामने खड़ी एम्बूलेंस भेजने की गुहार लगाई। इस पर बीएमओ ने नियमों का हवाला देकर एमबूलेंस भेजने को मना कर दिया।
बड़ गई समस्या: इस दौरान राधा की प्रसव वेदना एवं लगातार ब्लीडिंग होने से कमजोरी लगातार बढ़ती जा रही थी। इसके बाद परिजनों ने जब हंगामा किया तो बीएमओ ने एम्बूलेंस भेजने की इजाजत दी। इस दौरान लगभग डेढ़ घंटे का समय निकल गया। वहीं जिला अस्पताल पहुंचने में भी एम्बूलेंस को आधा घंटा लगा। जिला अस्पताल पहुंच कर राधा का प्रसव होने पर बच्चा मृत निकला।
परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप: परेशान परिजनों ने इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना हैं कि यदि यह एम्बूलेंस समय से मिल जाती, तो शायद बच्चा मृत न होता। लोगों का कहना था कि आखिर नियम लोगों की सुविधाओं के लिए हैं, न की उनकी परेशानी बढ़ाने के लिए।
& 108 एम्बूलेंस व्यवस्था भोपाल से संचालित होती हैं। जब वहां से कॉल आता हैं, हम तभी उसे भेज सकते हैं।
डॉ एसके छिलवार, बीएमओ, बल्देवगढ़।