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40 तालाबों में रिचार्ज शाफ्ट योजना चालू करने के लिए मार्च में दिए थे आदेश

Akhilesh Lodhi

Publish: Aug 19, 2019 08:00 AM | Updated: Aug 18, 2019 20:49 PM

Tikamgarh

तालाबों के पास वाले ग्रामीण क्षेत्रों का जलस्तर बढ़ाने के लिए सरकार ने करोड़ों की रिचार्ज शाफ्ट योजना चलाई। योजना के तहत ४० तालाबों को चिन्हित किया गया।

टीकमगढ़.तालाबों के पास वाले ग्रामीण क्षेत्रों का जलस्तर बढ़ाने के लिए सरकार ने करोड़ों की रिचार्ज शाफ्ट योजना चलाई। योजना के तहत ४० तालाबों को चिन्हित किया गया। महीनों से यह योजना फाइलों में ही दौड़ रही है। लेकिन भू-जलस्तर बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। जिसके कारण ग्रामीणों को मार्च से लेकर जून तक पेयजल के लिए परेशान होना पड़ता है।
रिचार्ज शाफ्ट योजना के तहत निवाड़ी और टीकमगढ़ जिले के ४० तालाबों में ३ करोड़ १० लाख की लागत से भू-जलस्तर बढ़ाने के लिए ट्यूबवेल लगाए जाने थे। लेकिन यह योजना २९ मार्च २०१९ से विभाग की फाइलों में दौड़ रही है। किसी भी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा इस योजना को लागू करने के लिए प्रयास नहीं किया गया है। हालांकि विभाग द्वारा इस फाइल को स्वीकृति के लिए उच्च विभाग ेके पास भेज दिया है। जो महीनों से भोपाल में पड़ी हुई है।
इन तालाबों में चलाई जानी है योजना
टीकमगढ़ और बल्देवगढ़ में १ करोड़ ५४ लाख की लागत से लारखास, बड़माडई खास, रिगौरा, पठा, नन्हीटेहरी, दरगुवां, मवई, मवई कारी, हनुमानसागर, सुजानपुरा, कोठरा, नारायणपुरा, झिनगुवां बुजुर्ग, लडवारी खास, अहार, हीरापुर, गनेशपुरा, जतारा और पलेरा ४७ लाख रुपए की लागत से नंदनवारा, बैरवारा, बम्हौरी बराना, पृथ्वीपुर और निवाड़ी में १ करोड़ १० लाख रुपए से कुलुआ खास, सिंदूरसागर, बावई, अस्तारी, ऊमरी, नीमखेरा, पतारी, लाड़पुरा, सकूली, घूघसी, टेहरका, ननौली, लड़वारी ताला, दर्रेठा, वीरसागार खास और सिमरा के तालाबों में रिचार्ज शाफ्ट लगाया जाएगा।
हैंडपंपों के आसपास नहीं लगे रिचार्जिंग सिस्टम
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगे हैंडपंप और कुओं में भी जल सवंर्धन के उपाय नहीं किए गए। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों के साथ नगरीय क्षेत्रों में विभाग द्वारा बैठके आयोजित की गई थी। लेकिन मामले को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
ऐसे बनते है शाफ्ट रिचार्ज
तालाब के टॉप लेवल से दो मीटर नीचे की सतह पर ट्यूबवेल खुदवाकर इसका निर्माण होना था। ट्यूबवेल का पाइप तालाब के पानी क ी सतह से करीब एक मीटर ऊपर रखा जाता है। ताकि पानी सीधे उसमें न समाए। पानी रिचार्जिंग के लिए जमीन पर सीमेंट से जुडाई कर पक्का बॉक्स तैयार किया जाता है। इसमें फिल्टर मीडिया बोल्डर बजरी और मोटी रेत डालकर ट्यूबवेल के पाइप में छिद्र कर उसके माध्यम से साफ पानी जमीन में उतारा जाता है।


सरकारी भवनों का भी वह रहा बारिश का पानी
बारिश के पानी को जमीन में उतारने के लिए सरकार कार्यालयों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगना थे। लेकिल जिला मुख्यालय के ही कई कार्यालयों में निर्माण के दौरान इसे नजर अंदाज किया गया है। इसके साथ ही कृषि उपज मंडी रोड़ पर नाप तौल विभाग बनाया गया है। जहां पर पानी रिचार्ज सिस्टम नहीं लगाया गया है।
इनका कहना
रिचार्ज शाफ्ट योजना के तहत जिले में पहले से १४५ बोर किए गए है। इसके साथ ही नए ४० तालाबों में रिचार्ज शाफ्ट योजना संचालित करने के लिए भोपाल डीपीआर भेजा गया है। पानी बंद होने के बाद कार्य किया जाएगा। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप और कुओं को लाभ मिलेगा। जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
जितेंद्र कुमार मिश्रा ईई पीएचई विभाग टीकमगढ़।