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कमिश्नर की इस कार्रवाई से ऑफिसरों में मच गया हड़कंप, कहा- किसी को प्रताडि़त करने की मंशा नहीं, लेकिन...

Ram Prawesh Wishwakarma

Publish: Sep 21, 2019 15:51 PM | Updated: Sep 21, 2019 15:51 PM

Surajpur

Commissioner in action: औचक निरीक्षण पर निकले कमिश्रर ने की कार्रवाई, लापरवाही बरतने वाले ऑफिसरों व कर्मचारियों को दी सुख्त चेतावनी

सूरजपुर. सरगुजा संभाग के कमिश्नर ईमिल लकडा ने शुक्रवार को सूरजपुर जिले का दौरा कर जनपद पंचायत प्रतापपुर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालयीन फाइलों को गहनता से अवलोकन एवं छानबीन के बाद जनपद पंचायत के लेखापाल से वहां पदस्थ कर्मचारियों की सेवा-पुस्तिका, पासबुक, एरियर्स एवं अन्य मदों के व्यय के संबंध में जानकारी चाही व कैशबुक के संधारण का भी गहनता से निरीक्षण किया।

लेकिन संबंधित लेखापाल से सही जानकारी नहीं मिल पाने एवं व्यय की मदों में 14 लाख से अधिक की राशि का सही ब्यौरा नहीं मिल पाने पर कमिश्नर ने लेखापाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।


कमिश्नर की कार्रवाई (Commissioner in action) से जनपद पंचायत में हडकंप की स्थिति निर्मित हो गई। उन्होंने कर्मचारियों को कार्यालय की व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए कार्य में लापरवाही बरतने वालो को सख्त चेतावनी भी दी। कमिश्नर लकड़ा ने जनपद सीईओ को व्यवस्था में सुधार करने को कहा जिससे कि किसी भी मद से प्राप्त राशियों में अनियमितता न हो पाए।

कमिश्नर की इस कार्रवाई से ऑफिसरों के दफ्तर में मच गया हड़कंप, कहा- किसी को प्रताडि़त करने की मंशा नहीं, लेकिन...

उन्होंने सीईओ से विभिन्न विभागों के कार्यों का सही सत्यापन नहीं होने का कारण पूछा जिसका सीईओ ने संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाए। इस पर उन्हें बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद कमिश्नर ने मनरेगा अंतर्गत किये गये निर्माण कार्यो की जानकारी मांगी जिसमें सत्यापन प्रमाण पत्र का सही मिलान नहीं पाया गया।

साथ ही ऑनलाईन भुगतान की जानकारी मांगी जिसमें रोजगार सहायक को कितना वेतन बनता है, किस-किस मद में भुगतान हुआ है,उसको रजिस्टर में उल्लेख करने को कहा, लेकिन मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी रजिस्टर में उल्लेखित वेतन का आंकड़ा नही दे पाए। इस कमिश्नर ने सभी कार्यों को सही समय पर पूर्ण करने निर्देश देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया।


तहसील व एसडीएम ऑफिस का भी किया निरीक्षण
इसके अलावा कमिश्नर ने प्रतापपुर तहसील एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के निरीक्षण के दौरान कार्यालय के उपस्थिति पंजीयन का निरीक्षण किया एवं कर्मचारियों की उपस्थिति की जानकारी ली। लोक सेवा गारण्टी का स्टेटमेंट, एवं संबंधित कर्मचारियों की जानकारी ली।

इसके साथ ही लंबित प्रकरणों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिये जिससे किसी भी प्रकार से आमजनता को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने जोर देते हुए एसडीएम को समय-समय पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का भी निरीक्षण करने के निर्देश दिये।


किसी को प्रताडि़त करना उद्देश्य नहीं
कमिश्नर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सलाह देते हुए कहा कि हमारे निरीक्षण का उद्देश्य किसी को प्रताडि़त एवं परेशान करना नहीं है बल्कि व्यवस्था की सुधार एवं समाधान करने के लिये किया जा रहा है जिससे आने वाले समय में अच्छे परिणाम देखने को मिले। इस दौरान उपायुक्त विकास महावीर राम भी मौजूद थे।