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देखिए कलक्टर साहब! आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों को खिलाए जा रहे एक्सपायरी डेट के रेडी-टू-ईट फूड

Ram Prawesh Wishwakarma

Publish: Nov 03, 2019 16:03 PM | Updated: Nov 03, 2019 16:03 PM

Surajpur

Chhattisgarh Government: रेडी-टू-ईट फूड की सप्लाई करने वाले समूह की चल रही मनमानी, अधिकारी भी नहीं दे रहे ध्यान, ग्रामीणों ने गुणवत्ता पर भी उठाए सवाल

ओडग़ी. महिला बाल विकास विभाग की रेडी-टू-ईट फूड योजना की गुणवत्ता वैसे तो हमेशा ही सवालिया निशान खड़े होते रहे हैं, लेकिन इसके लिए कहीं न कहीं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से ब्लॉक मुख्यालय के अधिकारी-कर्मचारी भी जिम्मेदार हैं। इसका खामियाजा आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले नौनिहालों को भुगतना पड़ रहा है।

दरअसल समूहों द्वारा आंबा केंद्रों में कालातीत हो चुके रेडी-टू-ईट फूड वितरित किए जा रहे हैं। ऐसे में बच्चों की सेहत के साथ पूरा खिलवाड़ किया जा रहा है।


सूरजपुर जिले के ओडग़ी विकासखंड अंतर्गत खर्रा सेक्टर में स्वयं सहायता समूह संचालक द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों के लिए जो रेडी-टू-ईट फूड वितरित किए गए हैं, इसके पैकेट कालातीत हो चुके हैं। ग्रामीणों ने जब पैकेट्स पर कालातीत होने की तिथि देखी तो सकते में आ गए, सभी पैकेट्स पहले ही कालातीत हो चुके थे।

एक तरफ पैकेट में उत्पादन तिथि पेन से 26 मई 2019 लिखी हुई है, वहीं यह भी अंकित है कि उत्पादन तिथि से 3 माह तक की अवधि तक यह रेडी-टू-इट फूड सेवन योग्य है। ताज्जुब की बात तो यह है कि उस पैकेट को किस समूह द्वारा वितरित किया गया है, उसके नाम का कहीं जिक्र नहीं है।

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वही ग्रामीणों द्वारा जब आंगनबाड़ी केंद्र के शिशु शक्ति आहार के पैकेट को खोलकर चखा गया तो उसमें सिर्फ आटा और शक्कर ही मिला। वह भी सही ढंग से भुना हुआ हुआ नहीं था, जबकि उसी पैकेट में सोयाबीन, चना, शक्कर, गेहूं, रागी, फल्लीदाना, सोयाबीन तेल का प्रति 100 ग्राम के अनुपात में मात्रा में दर्शाई गई है जो कि नाम मात्र ही अंकित था।


आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का ये कहना
ग्रामीणों द्वारा जब इस विषय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हमे जैसा समूह के संचालक द्वारा पैकेट दिया जाता है, उसे वैसा ही बांट देते हैं क्योंकि कई बार बोलने के बावजूद भी समूह संचालक द्वारा अपनी मनमर्जी से ही सामान दिया जाता है, इसलिए हम पैकेट खोलकर देखते ही नहीं हैं। यही स्थिति कुप्पा के सौहारपारा आंगनबाड़ी केंद्र में भी देखने को मिली।


बांटी जा रही घटिया सामग्री
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि समूह संचालकों द्वारा बिना पावती व चालान के ही पोषण आहार दिए जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समूह द्वारा जो पोषण आहार आंगनबाड़ी केंद्रों में दिए जाते हैं, उसमें समूह का सील व अध्यक्ष-सचिव का हस्ताक्षर नहीं होता है जिससे स्पष्ट होता है कि समूह संचालकों द्वारा मोटी रकम देकर घटिया सामग्री बांटी जा रही है।


विरोध प्रदर्शन की दी चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा कि अगर आगामी माह से समूह संचालक द्वारा गुणवत्तापूर्ण सामग्री नहीं बांटी गई तो कलक्टर को ज्ञापन देकर महिला बाल विकास कार्यालय ओडग़ी के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

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