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साइबर क्राइम व ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए लोगों को रहना होगा जागरुक, लोगों को झांसे में ले रहे ठग

Raj Singh Shekhawat

Publish: Jan 19, 2020 00:06 AM | Updated: Jan 19, 2020 00:06 AM

Sri Ganganagar

पुलिस मुख्यालय व जिला पुलिस ने चलाया जागरुकता अभियान

 

श्रीगंगानगर. साइबर क्राइम व ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए लोगों को जागरुक रहना होगा। ठग लोगों को फोन या मैसेज भेजकर अपने जाल में फंसा रहे हैं। इसके चलते आएदिन ऑनलाइन ठगी की वारदात हो रही है। इससे बचाव के लिए पुलिस मुख्यालय व जिला पुलिस की ओर से जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को लोगों को जागरुक किया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जैसे-जैसे ऑनलाइन बैकिंग, एटीएम कार्ड, ऑनलाइन भुगतान एप आदि का चलन बढ़ा है, वैसे ही लोगों से साइबर क्राइम व ऑनलाइन ठगी की वारदात भी बढ़ी है। पुलिस की ओर से इसकी रोकथाम व खाते से गई रकम को निकालने के लिए साइबर टीमें भी लगाई है लेकिन इसके बाद भी ठगी की वारदात नहीं रुक पा रही है।

ठग अक्सर लोगों को फोन या मैसेज भेजकर अपने जाल में फंसा लेते हैं और उनसे किसी ना किसी बहाने से ओटीपी व खाता, एटीएम नंबर, ऑनलाइन भुगतान के एप की ओटीपी आदि जानकार ठगी कर लेते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन खरीदने व बेचने वाले एप के माध्यम से भी लोगों से ठगी की कई वारदात हुई है। इसको लेकर प्रदेश व जिले में साइबर क्राइम व ऑनलाइन ठगी से लोगों को बचाने के लिए जागरुकता अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत सोशल मीडिया पर जागरुकता पंपलेट्स भेजे जा रहे हैं।

ऑनलाइन ठगी से बचाव को जारी सलाह

1. इनदिनों पेटीएम की केवाईसी एवं चालू रखने के नाम से फोन व मैसेज आ रहे हैं, जिसमें दिए नंबर पर कॉल करने पर लिंक भेजकर मोबाइल पर एप इंस्टॉल कराया जाता है। जिससे मोबाइल हैक हो जाता है और खाते से रुपए निकल जाते हैं।

2. अपरिचित व्यक्तियों की ओर से ईमेल, मैसेज से भेजे गए लिंक पर क्लिक ना करें। इससे कम्प्यूटर, मोबाइल में मौजूद डाटा हैकर्स व साइबर अपराधियों की आर से चोरी या ब्लॉक किया जा सकता है। अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए लिंक को फॉरवर्ड या ओपन न करें।

3. अज्ञात व्यक्ति को ओटीपी न बताएं, मैसेज फॉरवर्ड नक रें, लिंक पर क्लिक न करें। अज्ञात व्यक्ति के खाते में रुपए डालना आदि काम भूल से भी ना करें।

4. ओएलएक्स पर कोई सामान की खरीद फरोख्त के लिए आर्मी मैन बनकर सस्ता सामान बेचने की ठगी करने वालों से सावधान रहे और सामान देखे बिना भुगतान ना करें।

5. फोनपे पर बेल आईकन को क्लिक करने के नाम पर लोगों के अकाउंट से फ्रॉड ट्रांजक्शन किए जा रहे हैं। इस तरीके के फोन पर ध्यान नहीं दें।

6. फोन पर ट्रू कॉलर इंस्टॉल है और उस पर कोई जानकारी मिलती है तो उस पर पूर्ण विश्वास योग्य नहीं है। उसको सावधुानी पूर्ण उपयोग करें।

7. मोबाइल पर कभी एसएमएस से कोड या ओटीपी आए और कोई फोन करके पूछे तो समझना चाहिए कि अकाउंट हैक करना चाह रहा है। ओटीपी या कोड किसी नहीं बताएं।

8. बैंक खाते, पिन कोड व पासवर्ड तथा आधार कार्ड को लिंक करने के लिए कभी भी बैंक से फोन नहीं किया जाता है। ना ही कोई बैंक अधिकारी फोन करके कोई जानकारी लेता है। यदि ऐसा कोई फोन करता है तो समझो ठगी करने का प्रयास कर रहा है।

9. बीमा कंपनियां बंद बीमा पॉलिसियों को चालू करने, रुपए दिलने, ज्यादा मुनाफे का लालच, लोन दिलाने के नाम पर कभी भी अन्य खातों में रुपए जमा करने के लिए नहीं कहती हैं। ऐसी मांगों से सावधानी बरतें, यह फ्रॉड हो सकती है।

10. विदेशी व्यापार के दौरान लेन-देन करने से पहले ईमेल व खातों का सत्यापन अवश्य करें। डिजिटल सिग्नेचर का प्रयोग करें।

11. लॉटरी व इनाम निकलने, चैरिटी ट्रस्ट में रुपए जमा कराने के संबंध में मिले मैसेज, ईमेल व कॉल्स पर ध्यान नहीं दें।

12. जॉब के नाम पर शातिर अपराधी ऑनलाइन परीक्षा, फोन पर इंटरव्यू कराकर पास करा देते हैं पिर ज्वाईन, खाता खोलने, सक्युरिटी मनी, आईडी मनी, कूरियर मनी आदि के नाम पर पैसे लेते हैं। कोई भी जॉब कॉल आने पर किसी अज्ञात व्यक्ति के खाते में रुपए न डालेे।

इनका कहना है

- साइबर क्राइम व ऑनलाइन ठगी रोकने के लिए जागरुकता जरुरी है। लोग किसी का भी फोन आने पर उसे ओटीपी व खाते आदि के नंबर बता देते हैं। इसके चलते ठग सफल हो रहे हैं। इसलिए लोगों को जागरुक करने के लिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें मुख्यालय से भी सलाह जारी की गई है।

हेमंत शर्मा, पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर

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