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सरसों की बंपर पैदावार की उम्मीद, किसानों के चेहरे खिले

Yogesh Tiwari

Publish: Jan 19, 2020 03:16 AM | Updated: Jan 19, 2020 03:16 AM

Sri Ganganagar

Mustard bumper yield expected....मौसम में आए बदलाव के चलते इस बार सरसों की बम्पर पैदावार होने की उम्मीद है। खेतों में खड़ी सरसों की फसलों को देखकर किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।

सरसों की बंपर पैदावार की उम्मीद, किसानों के चेहरे खिले
सूरतगढ़/ बीरमाना (श्रीगंगानगर). मौसम में आए बदलाव के चलते इस बार सरसों की बम्पर पैदावार होने की उम्मीद है। खेतों में खड़ी सरसों की फसलों को देखकर किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। कृषि अधिकारियों की माने तो मौसम सरसों की फसल के अनुकूल है, इससे उत्पादन बढ़ेगा तथा किसानों को फायदा होगा।
राज्य सरकार की ओर से सरसों की सरकारी खरीद शुरू होने के बाद से ही किसानों का रूझान सरसों के बिजान के प्रति बढ़ा है। इस बार 2800 हैक्टेयर भूमि में सरसों का बिजान कार्य हुआ। जबकि गत सीजन 27815 हैक्टेयर भूमि में सरसों का बिजान हुआ। नई धानमण्डी में इस बार भी सरसों की सरकारी खरीद क्रय विक्रय सहकारी समिति के माध्यम से होने की उम्मीद है। एक अप्रेल से सरसों की खरीद शुरू हो जाएगी।
यह है बिजान की स्थिति
वर्ष 2015-16 में 22776 हैक्टेयर, वर्ष 2016-17 में 23962, वर्ष 2017-18 में 24405, 2018-19 में 27815 हैक्टेयर भूमि में सरसों का बिजान हुआ। इस बार 28000 हैक्टयेर भूमि में सरसों का बिजान कार्य किया गया।
करने पड़ रहे थे जतन..
जानकारी के अनुसार पकाव की ओर अग्रसर फसलों में सिंचाई के लिए किसानों को कई प्रकार के जतन करने पड़ रहे थे। जिन किसानों के कुंओं पर बिजली कनेक्शन की सुविधा नहीं है, वह डीजल इंजन के माध्यम से फसलों को पानी पिलाने में जुटे हुए थे। जिनके कुंओं पर बिजली की सुविधा है, उन्हें दिन में बिजली नहीं मिलने से रातिजोगा करना पड़ रहा था। लेकिन मावठ होने से एक साथ सभी किसानों को समस्या से निजात मिल गई। खेतों में फसल की सिंचाई के लिए डीजल के लिए राशि खर्च नहीं करनी होगी। मावठ से न सिर्फ फसलों में सिंचाई की कमी दूर हुई बल्कि सरसों में लगने वाले कीट रोग भी धूल गए। गेहूं, जौ व चना की फसल के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हुई है।

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