स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

निर्जला एकादशी पर छोटी काशी में बही धर्म की बयार

Devendra Singh

Publish: Jun 13, 2019 14:17 PM | Updated: Jun 13, 2019 14:17 PM

Special

पौराणिक मान्यता है कि इस एकादशी को करने भर से वर्ष की 24 एकादशियों के व्रत के समान फल मिलता है। यह व्रत करने के पश्चात द्वादशी तिथि में ब्रह्मा बेला में उठकर स्नान, दान तथा ब्राह्माण को भोजन कराना चाहिए। इस एकादशी को भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।