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हुड्डा ने कहा, गुलाम नबी हो लें रिटायर, मैं नहीं होने वाला

Chandra Prakash sain

Publish: Sep 19, 2019 09:00 AM | Updated: Sep 18, 2019 21:42 PM

Sonipat

Haryana: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत अन्य सभी 33 आरोपी भी कोर्ट में पेश हुए।

चंडीगढ़. हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बसपा के साथ गठबंधन की संभावनाओं को पूरी तरह से खारिज कर दिया। साथ में यह भी कहा कि मैं अभी रिटायर होने वाला नहीं। जो कह रहे है वे खुद हो ले रिटायर उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच आमने-सामने का मुकाबला है तथा बाकी दल रेस से बाहर हो चुके हैैं। हुड्डा ने कहा कि उन्होंने रोहतक रैली में जनता के साथ जो वादे किए थे, उन सभी वादों को कांग्र्रेस के चुनाव घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा तथा लोगों व कार्यकर्ताओं के सुझाव के बाद इस घोषणा पत्र में अन्य कई बातें जोड़ी जाएंगी।

पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कांग्र्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद के उस बयान को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह उनका और हुड्डा का आखिरी चुनाव है। हुड्डा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि हो सकता है कि प्रभारी ने यह बात अपने खुद के लिए कही हो। जहां तक मेरी बात है, मैैं इस टर्म के बाद भी रिटायर होने वाला नहीं हूं।

हुड्डा हुए कोर्ट में पेश

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से जुड़े मानेसर जमीन घोटाले तथा एजेएल प्लॉट आवंटन मामलों में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में बुधवार को सुनवाई हुई।
इनमें मानेसर लैंड स्कैम मामले में सुनवाई करीब 5 घंटे तक चली और इस दौरान आरोपों पर बहस हुई। इस दौरान मामले में आरोपी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत अन्य सभी 33 आरोपी भी कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के दौरान आरोपियों के आरोपों पर बहस हुई। उल्लेखनीय है कि पिछली सुनवाई के दौरान मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा सहित सभी आरोपियों पर आरोपों को लेकर बहस शुरू हुई थी। मामले की अगली सुनवाई अब 26 सितम्बर को होगी ओर 26 सितंबर को भी अरोपों पर बहस जारी रहेगी। इस मामले में सीबीआई ने हुड्डा सहित 34 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट फाइल की गई थी। इसी मामले में ईडी ने भी हुड्डा के खिलाफ सितंबर 2016 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। दूसरी ओर कांग्रेस शुरु से इस मामले को राजनीतिक द्वेष का मामला करार दे रही है। मामले में आरोप है कि अगस्‍त 2014 में निजी बिल्डरों ने हरियाणा सरकार के अज्ञात जनसेवकों के साथ मिलीभगत कर गुडग़ांव जिले में मानसेर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों के किसानों और भूस्वामियों को अधिग्रहण का भय दिखाकर उनकी करीब 400 एकड़ जमीन औने-पौने दाम पर खरीद ली थी। कांग्रेस की तत्कालीन हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान करीब 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर उसे बिल्डर्स को औने-पौने दाम पर बेचने का आरोप है।

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