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बहाली को लेकर सरकार के खिलाफ भडक़े हरियाणा रोडवेज कर्मी,सभी डिपो के बाहर किया प्रदर्शन, मांग पूरी न होने पर संघर्ष होगा तेज

Prateek Saini

Publish: May 27, 2019 18:19 PM | Updated: May 27, 2019 18:19 PM

Sonipat

यूनियन ने मांग की है कि अगर सरकार वास्तव में किलोमीटर स्कीम घोटाले की निष्पक्ष जांच करवाना चाहती है तो अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन व इसमें लिप्त अधिकारियों को तुरन्त प्रभाव से बदला जाए...

(चंडीगढ़,सोनीपत): हरियाणा सरकार द्वारा परिवहन विभाग में आउटसोर्सिंग के तहत भर्ती कर्मचारियों की सेवाएं रद्द किए जाने के विरोध में विभागीय कर्मचारियों ने एक बार फिर से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हरियाणा में रोडवेज कर्मचारियों ने आज प्रदेश के सभी डिपो में विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने ऐलान किया है कि अगर आने वाले दिनों में बहाली नहीं हुई तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

 

ऑल हरियाणा रोङवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान हरिनारायण शर्मा, महासचिव बलवान सिंह दोदवा, वरिष्ठ उप-प्रधान सुरेश लाठर ने संयुक्त ब्यान जारी करते हुए बताया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन के तानाशाही रवैये व आउटसोर्सिंग पार्ट एक व दो के तहत कार्यरत लगभग 800 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के तुगलकी फरमान के विरोध में प्रदेश के सभी डिपो व सब डिपो में जोरदार प्रदर्शन किया।

 

शर्मा व दोदवा ने बताया कि किलोमीटर स्कीम के तहत 510 बसें लेने में निजी चहेते बड़े ट्रांसपोर्टरों से भारी कमिशन लेकर गुपचुप तरीके से भारी रेटों पर बसें हायर करने का एग्रीमेंट किया था। जिसमें भारी घोटाले की आशंका जाहिर करते हुए युनियन ने किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच करवाने की मांग की थी। इसके बाद 190 बसों के टैंडर जारी किए जिनमें 510 बसों की अपेक्षा बहुत कम रेट आए। इससे साफ जाहिर हो गया कि 510 बसों के एग्रीमेंट में भारी घोटाला हुआ है।


इस घोटाले पर माननीय मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए इसकी जांच विजिलेंस से कराने के आदेश जारी किये। अगर विजिलेंस जांच निष्पक्ष हुई तो कई अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है। विजिलेंस जांच से ध्यान भटकाने के लिए 23 मई को आनन-फानन में आउटसोर्सिंग पार्ट एक व दो के तहत कार्यरत कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के आदेश जारी कर दिए जबकि माननीय हाईकोर्ट द्वारा हङ़ताल के दौरान एस्मा के तहत की गई सभी उत्पीडऩ कार्रवाई को निलंबित किया हुआ है तथा लोकसभा चुनाव के कारण 25 मई तक आचार संहिता का भी प्रभाव था लेकिन ए.सी.एस साहब ने इनकी कोई प्रवाह नहीं की।


यूनियन ने मांग की है कि अगर सरकार वास्तव में किलोमीटर स्कीम घोटाले की निष्पक्ष जांच करवाना चाहती है तो अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन व इसमें लिप्त अधिकारियों को तुरन्त प्रभाव से बदला जाए। युनियन ने चेतावनी दी है कि अगर द्वैष भावना के तहत निकाले गए सभी कर्मचारियों को वापिस डयूटी पर नहीं लिया तो आज तो 2घंटे के प्रदर्शन के रूप मे एक ट्रेलर था आगे तुरंत ज्वाईंट एक्शन कमेटी की बैठक बुलाकर निर्णायक आंदोलन की घोषणा की जायेगी।