स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने माना 'काम कर गई मोदी लहर', अपना गढ़ बचाने में नाकामयाब रहे बाप-बेटे

Prateek Saini

Publish: May 23, 2019 20:00 PM | Updated: May 23, 2019 20:00 PM

Sonipat

हरियाणा में पार्टी को मिली करारी हार के लिए पूर्व मुख्यमंंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तथा कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर के बीच चल रही आपसी खींचतान है...

(सोनीपत): लोकसभा चुनाव 2019 (lok sabha election 2019 result) में पूरे देश में बीजेपी को बढ़त मिलती दिख रही है। बीजेपी कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है तो कांग्रेसी खेमा हताश है। हरियाणा की बात करे तो इस बार भी प्रदेश की जनता ने 2014 के प्रदर्शन को दोहराते हुए 10 की दस सीटें बीजेपी की झोली में डाल दी है। इस चुनाव में कांग्रेस के सभी दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा है। खुद प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर अपनी सीट नहीं बचा पाए है। साथ ही चुनाव में प्रदेश की राजनीति में बड़े चेहरों में शुमार हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व उनके बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा चुनाव हार गए हैं।


भूपेंद्र सिंह हुड्डा सोनीपत से चुनाव लड़ रहे थे। वहीं दीपेंद्र को कांग्रेस ने दूसरी बार रोहतक से मैदान में उतारा था। दोनों ही सीटें हुड्डा परिवार का गढ़ कही जाती है। और यहां भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अच्छी पकड़ है। रोहतक सीट से 2014 में दीपेंद्र सिंह हुड्डा उनसे पहले उनके पिता भूपेंद्र सिंह हुड्डा चुनाव लड़ चुके है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता रणबीर हुड्डा भी 1952 तथा 1957 में सांसद बने थे। तब से लेकर अब तक हुड्डा परिवार के सदस्य ने यहां 9 बार जीत हासिल की है।


कांग्रेस ने हुड्डा व तंवर की खींचतान का भुगता खामियाजा

ताजा जानकारी के अनुसार भूपेंद्र सिंह हुड्डा को इस बार 4,22,800 वोट मिले है। वहीं बीजेपी के रमेश चंद्र कौशिक ने 5,87,664 वोट हासिल की जीत दर्ज की। दीपेद्र सिंह हुड्डा को 5,63,282 वोट मिले तो बीजेपी के अरविंद कुमार शर्मा ने 5,66,151 वोट लेकर जीत अपने नाम की। राज्य में डबल इंजन की सरकार ज्यादा असरदार रही। राज्य के साथ ही केंद्र सरकार के कामों ने बीजेपी की ओर मतदाताओं को आकर्षित किया। हरियाणा में कांग्रेस को मिली जबरदस्त हार ने पार्टी को भविष्य के लिए कई बड़े संकेत दे दिए हैं। हरियाणा में पार्टी को मिली करारी हार के लिए पूर्व मुख्यमंंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तथा कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर के बीच चल रही आपसी खींचतान है। जिसका खामियाजा पार्टी ने चुनाव में हार के रूप में भुगता है।


मोदी की लहर काम कर गई, हार जीत तो होती रहती हैः हुड्डा

सोनीपत लोकसभा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार रमेश चंद्र कौशिक ने कांग्रेस के उम्मीदवार और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ लगातार बढ़त बनाते हुए उन्हें करारी शिकस्त दी। सोनीपत गोहाना काउंटिंग सेंटर पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी हार मान ली और कहा मोदी की लहर काम कर गई। हार जीत तो होती रहती है।