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नैमिषारण्य में शासन की मंजूरी के बाद होंगे ये बड़े बदलाव, डीएम ने 14 धार्मिक स्थलों के लिए भेजा प्रस्ताव, श्रद्धालुओं को मिलेगी यह सहूलियतें...

Nitin Srivastva

Publish: Oct 13, 2019 17:28 PM | Updated: Oct 13, 2019 17:28 PM

Sitapur

नैमिषारण्य में शासन की मंजूरी के बाद होंगे ये बड़े बदलाव, डीएम ने 14 धार्मिक स्थलों के लिए भेजा प्रस्ताव, श्रद्धालुओं को मिलेगी यह सहूलियतें...

सीतापुर. 88 हजार ऋषियों की तपोभूमि स्थली नैमिषारण्य में ललिता देवी मंदिर समेत 14 धार्मिक स्थलों के कायाकल्प के लिए जिलाधिकारी ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया हैं। ब्रज तीर्थ विकास परिषद मथुरा की तर्ज पर अब सबसे बड़े तीर्थ नैमिषारण्य का भी विकास होगा। जिलाधिकारी ने नैमिषारण्य विकास परिषद के गठन को जल्द अब जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी जिसके तहत डीएम ने शासन को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया हैं। विश्व प्रसिद्ध होने वाली 84 हजार परिक्रमा मार्ग पर भी इससे श्रद्धालुओं को काफी सहूलियतें मिलेगी। डीएम का कहना हैं कि प्रस्ताव को जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी और उसके उपरांत विकास कार्य सम्पन्न कराये जाएंगे।


ललिता देवी मंदिर सहित 14 स्थलों का होगा कायाकल्प

नैमिषारण्य तीर्थ का एक अपना ही पौराणिक महत्व हैं। यहां देश-विदेश के हजारों श्रद्धालुओं का रोज तांता लगता हैं और नवरात्र में तो यहां भी रौनक देखने को ही मिलती हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बृज तीर्थ विकास परिषद मथुरा की तर्ज पर नैमिषारण्य विकास परिषद के गठन की घोषणा की थी। सीएम की इस घोषणा के बाद ही डीएम ने ललिता देवी मंदिर समेत 14 स्थलों को शामिल करके प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेज दिया था। डीएम के मुताबिक विभाग से मंजूरी मिलते ही यहां के स्थलों का कायाकल्प शुरू हो जाएगा।


ये प्रमुख 14 धर्मिक स्थल हैं शामिल

जिलाधिकारी के इस प्रस्ताव में नैमिषारण्य मस स्थित 14 प्रमुख धर्मिक स्थल शामिल किए गए हैं। जिसमे ललिता देवी मंदिर, भूतेश्वर नाथ मंदिर, हनुमान गढ़ी, पंचमुखी हनुमान मंदिर, रुद्रावर्त, सीताकुंड तीर्थ, मिश्रिख चक्रतीर्थ, व्यास गद्दी, सूतगद्दी, देव देवेश्वर मंदिर, दधीचि कुंड मिश्रिख, कैलाश आश्रम सहित 84 कोशीय होली परिक्रमा मेला मिश्रिख और परिक्रमा पड़ावों को भी इसमें शामिल किया गया हैं। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इन स्थलों के कायाकल्प का कार्य शुरू हो जाएगा।