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सुशील इंदौरा की इनेलो में वापसी, सिरसा में अभय चौटाला को मिली मजबूती

Prateek Saini

Publish: Apr 30, 2019 22:05 PM | Updated: Apr 30, 2019 22:05 PM

Sirsa

- पिछले चुनाव में हजकां-भाजपा गठबंधन के उम्मीदवार रहकर ढ़ाई लाख वोट ले चुके इंदौरा

 

(चंडीगढ़,सिरसा): सिरसा लोकसभा सीट से सांसद रह चुके डा. सुशील इंदौरा की इनेलो में घर वापसी हुई है। २०१४ के लोकसभा चुनाव में सुशील इंदौरा भाजपा-हजकां गठबंधन के प्रत्याशी थे। करीब ढ़ाई लाख वोट हासिल करने के बावजूद सुशील इंदौरा चुनाव हार गए थे और यहां से इनेलो के चरणजीत सिंह रोड़ी चुनाव जीते थे। डा. सुशील इंदौरा का इनेलो में वापसी के बाद सिरसा संसदीय क्षेत्र में इनेलो को भारी और बड़ी मजबूती मिली है। इंदौरा की इनेलो में एंट्री सत्तारूढ़ भाजपा की सुनीता दुग्गल और कांग्रेस के डा. अशोक तंवर के लिए खतरे की घंटी है।

 

डा. सुशील इंदौरा ने इनेलो विधायक दल के नेता अभय सिंह चौटाला की मौजूदगी में पार्टी में एंट्री की। सुशील इंदौरा धानक समाज के वरिष्ठ नेता माने जाते हैं। अभय चौटाला के अनुसार सुशील इंदौरा के इनेलो में शामिल होने का मतलब है कि हरियाणा में हमारी पार्टी का जनाधार बढ़ रहा तथा भाजपा व कांग्रेस के प्रति लोगों में नाराजगी गहराती जा रही है।

 

पूर्व सांसद डा. सुशील इंदौरा ने जल्द ही अपने दल “आपणी डेमोक्रेटिक पार्टी” का भी समर्थकों, पदाधिकारियों व नेताओं के साथ इनेलो में विलय करने की घोषणा की है। अभय चौटाला ने डॉ सुशील इन्दौरा को इनेलो का पुराना मजबूत साथी करार देते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि संगठन में उन्हें पहले से कहीं ज्यादा मान-सम्मान दिया जाएगा। चौटाला ने कहा कि डा. इंदौरा के आने से चुनावी माहौल में इनेलो को अधिक मजबूती मिली है।

 

डा. सुशील इंदौरा के अनुसार हरियाणा व राजस्थान, पंजाब जैसे प्रदेशों में गरीब, पिछड़े वर्गों को राजनीतिक-सामाजिक रूप में मजबूत करने के लिए उन्होंने “आपणी डेमोक्रेटिक पार्टी” का गठन किया था। मगर आज जिस तरीके से सत्तासीन भाजपा और पूर्व में सत्तासीन रही कांग्रेस ने देश-प्रदेश में हमारे इन तबकों को तबाह करने का षडयंत्र रचा है, उसे रोकने के लिए हमे एक बड़ी ताकत बनने की जरूरत महसूस हुई। सभी ने एकमत होकर जननायक स्व देवीलाल के आदर्शों पर चल रही इनेलो के साथ चलने पर सहमति जताई।

 

डॉ सुशील इन्दौरा ने कहा कि प्रदेश में सबसे पहले स्व देवीलाल ने ही गरीब, पिछड़े व अनुसूचित जातियों को राजनीतिक रूप में मजबूत बनाने की पहल की थी। उनके बाद इनेलो सुप्रीमो औमप्रकाश चौटाला और अब शीर्ष नेता अभय चौटाला इस प्रथा को आगे बढ़ा रहे हैं।


पिछले चुनाव में भाजपा गठबंधन प्रत्याशी थे इंदौरा, धानक समाज जुटेगा इनेलो से

इनेलों में शामिल हुए डॉ सुशील इन्दौरा लोकसभा चुनाव 2014 में सिरसा लोकसभा सीट से भाजपा-हजकां गठबंधन प्रत्याशी थे। इस चुनाव में उन्होंने 2 लाख 46 हजार के करीब वोट प्राप्त किए थे। इसके बाद वे कांग्रेस में शामिल हुए और लंबे समय कांग्रेस में रहने उपरांत उन्होंने कुछ समय पूर्व ही “आपणी डेमोक्रेटिक पार्टी” नाम से राजनीतिक दल का गठन किया था। इस बार के लोकसभा चुनाव में डॉ इन्दौरा को कुछ दलों द्वारा सिरसा सीट से प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चाएं थी। सामाजिक तौर पर डॉ इन्दौरा बरसों से धानक समाज के वरिष्ठ नेता के रूप में इस समाज का प्रतिनिधित्व करते रहें है। बतौर सांसद रहते उन्होंने विभिन्न तबकों के साथ धानक बिरादरी के लिए अनेक कल्याणकारी काम करवाते हुए इस समाज के बड़े नेता की पहचान देश-प्रदेश में बनाई थी। अब उनके इनेलो में आने से भाजपा द्वारा धानक बिरादरी से प्रत्याशी बनाई गई सुनीता दुग्गल को बड़ा नुकसान पहुंचने की उम्मीद है।