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हरियाणा में चुनावी शोरगुल थमा, इन दलों व नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर

Prateek Saini

Publish: May 10, 2019 16:55 PM | Updated: May 10, 2019 16:55 PM

Sirsa

प्रचार में मोदी,शाह,प्रियंका,राहुल, केजरीवाल ने झौंकी ताकत, मायावती ने पहली बार किया चार रैलियों को संबोधित...

 

(चंडीगढ़,सिरसा): हरियाणा में आगामी 12 मई को होने वाले मतदान के लिए आज शाम चुनाव प्रचार बंद हो गया। इस प्रचार के दौरान प्रदेश में कई राजनीतिक समीकरण पैदा हुए और भविष्य के राजनीतिक संकेत मिले। चुनाव घोषित होने के बाद आम आदमी पार्टी व जननायक जनता पार्टी में गठबंधन को लेकर दिनों तक नाटकीय घटनाक्रम चलता रहा। कांग्रेस पार्टी ने अंतिम समय तक अपने प्रत्याशियों की सूची रोके रखी।


हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से चुनावी शोरगुल में डूबा रहा और इस दौरान सियासत के सितारे न केवल हरियाणा की जमीन पर उतरे बल्कि बड़ी जनसभाओं, रैलियों के जरिए मतदाताओं को रिझाते हुए अपनी पार्टी और उम्मीदवारों को मजबूत करने के लिए एड़ी चोटी का दम लगाते रहे। मिसाल के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रचार के आखिरी दिन उस रोहतक में गरजे जो साल 2014 की मोदी लहर के बावजूद बीजेपी हार गई थी। इसी तरह राजनीति में कदम रखकर सक्रिय हुई प्रियंका गांधी से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी हरियाणा में अलग-अलग जगहों पर गरजते हुए नजर आए। इस दौरान इन शीर्ष नेताओं ने राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित करते हुए एक दूसरे पर निशाने साधे। इसी तरह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी अलग-अलग दिनों में करीब आधा दर्जन रैलियों को संबोधित किया। हरियाणा के चुनावी इतिहास में पहली बार यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री व बीएसपी सुप्रीमों मायावती तक हरियाणा में चार रैलियां कर गईं। यहां तक कि दिल्ली के मुख्यमंत्री व आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल भी जननायक जनता पार्टी के युवा नेता व निर्वतमान सांसद दुष्यंत चौटाला के साथ हरियाणा की सडक़ों पर रोड शो कर रौनक बढ़ाने की कोशिश करते नजर आए। अन्य नेताओं की बात करें तो बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी भी हरियाणा आए तो कांग्रेस ने नवजोत सिंह सिद्धू को उतारा तो बीजेपी भी गुरदासपुर से बीजेपी उम्मीदवार व फिल्म अभिनेता सनी दओल से लेकर सिने तारिका हेमामालिनी को लेकर आई।

इस चुनाव में बीजेपी, कांग्रेस के अलावा आईएनएलडी से लेकर हाल में अस्तित्व में आई जननायक जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी, बीएसपी व एलएसपी की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है। राजनीति के माहिर सीटों के हिसाब से कहीं सीधा तो कहीं बहुकोणिय मुकाबलों की राय पेश कर रहे हैं लेकिन, गहराई में जाएं तो राजनीतिक दलों के साथ-साथ इनके उम्मीदवारों और दिग्गजों की अग्नि परीक्षा होने जा रही है। मिसाल के तौर पर सोनीपत से चुनाव लड़ रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की प्रतिष्ठा दांव पर है। यहां जेजेपी के दिग्विजय चौटाला का भविष्य भी दांव पर है। इसी तरह हिसार में स्व. भजनलाल परिवार के पोते के रूप में इस परिवार को बड़ी परीक्षा देनी है। यहां दुष्यंत चौटाला से लेकर केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले वीरेंद्र सिंह के उम्मीदवार बेटे के लिए भी अग्नि परीक्षा है।


सिरसा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर, भिवानी में दिग्गज कांग्रेसी नेता किरण चौधरी की बेटी श्रुति, आप के प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद, कुरुक्षेत्र में चौटाला परिवार के चिराग व अभय चौटाला के बेटे अर्जुन चौटाला, अंबाला में शैलजा, फरीदाबाद में कृष्ण पाल गुर्जर, गुरुग्राम में राव इंद्रजीत सिंह, रोहतक में दीपेंद्र हुड्डा ऐसे नाम हैं जिनके चुनाव पर पूरे प्रदेश के मतदाताओं की दिलचस्पी बनी हुई है। इन सबके बीच मुख्यमंत्री मनोहरलाल की प्रतिष्ठा सबसे ज्यादा दांव पर है क्योंकि प्रदेश में सबका साथ-सबका विकास का दावा उनकी अगुवाई में बीजेपी पेश करती रही है।


सांसद बनने की चाह में लाइन में ये विधायक

सोनीपत से चुनाव लड़ रहे विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा, करनाल से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के दिग्गज कुलदीप शर्मा, बीजेपी सरकार के मंत्री नायब सिंह सैनी कुरुक्षेत्र में बड़ी परीक्षा देेन जा रहे हैं।


इस चुनाव में 10 सीटों पर यह बनी है तस्वीर

सत्तारूढ़ बीजेपी अपने दम पर चुनाव लड़ते हुए सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस भी 10 सीटों पर है तो जननायक जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी गठबंधन कर मैदान में हैं। जेजेपी 7 सीटों पर जबकि आप तीन सीटों पर है। लगातार रसातल में जा रही आईएनएलडी 10 सीटों पर चुनाव लड़ रही है तो बीजेपी से बगावत कर लोकतांत्रिक सुरक्षा पार्टी बनाने वाले राजकुमार सैनी ने बीएसपी के साथ गठबंधन कर खम ठोका हुआ है। बीएसपी 7 सीटों पर जबकि सैनी की पार्टी 2 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।