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दत्तक पुत्री के विवाह में शामिल होने के लिए जमानत पर जेल से बाहर आना चाहता था गुरमीत राम रहीम, प्रयास हुआ नाकाम

Prateek Saini

Publish: May 01, 2019 19:12 PM | Updated: May 01, 2019 19:12 PM

Sirsa

सीबीआई के विरोध पर याचिका वापस ली

 

(चंडीगढ,सिरसा): हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम का जमानत पर जेल से बाहर आने का प्रयास नाकाम रहा। गुरमीत राम रहीम ने दत्तक पुत्री के विवाह में शामिल होने के लिए जमानत पर रिहा किए जाने की याचिका पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में दायर की थी लेकिन सीबीआई के कड़े विरोध के चलते आज याचिका वापस ले ली गई।


गुरमीत राम रहीम 25 अगस्त 2017 से ही जेल में है। इस दिन गुरमीत राम रहीम को साध्वी बलात्कार मामले में दोषी ठहराया गया था और बाद में बलात्कार के दो मामलों में दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी। दोनों सजाओं को एक के बाद दूसरे के क्रम में 20 वर्ष रखा गया था। इसके बाद सिरसा के ही पत्रकार रामचन्द्र छत्रपति की हत्या के मामले में गुरमीत राम रहीम को आजीवन कारावास सुनाया जा चुका है। सभी सजाएं पंचकूला स्थित सीबीआई अदालत ने सुनाई हैं।

 

हाईकोर्ट में गुरमीत राम रहीम सिंह की याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार एवं सीबीआई ने कानून-व्यवस्था को खतरा बताते हुए जमानत पर रिहाई का विरोध किया। हाईकोर्ट ने गुरमीत राम रहीम के वकील से पूछा था कि उनकी कितनी दत्तक पुत्रियां हैं। याचिका पर सुनवाई के दौरान इंटरवीनर के रूप में पेश हुए वकील महेन्द्र सिंह जोशी ने कहा कि विवाह की रस्म तो गुरमीत राम रहीम की पत्नी और बेटा भी पूरे कर सकते हैं। डेरा सच्चा सौदा की रवायत के अनुसार वरमाला डाल कर विवाह कराया जाता है। गुरमीत राम रहीम जेल में ही वरमाला को हाथ लगाकर भेज सकते हैं।