स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

अब सड़कों पर कचरा या गोबर डालने पर देना होगा जुर्माना

Mahesh Parbat

Publish: Sep 18, 2019 19:47 PM | Updated: Sep 18, 2019 19:47 PM

Sirohi

- जिला परिषद की साधारण सभा में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का अनुमोदन

सिरोही. जिला प्रमुख पायल परसरामपुरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला परिषद सभागार में साधारण सभा हुई। इसमें ग्रामीण क्षेत्र में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट 2016 की उप विधियोंं का अनुमोदन किया गया। इसके लागू होने के बाद लोगों ने मकानों व दुकानों के आगे सड़क पर कचरा या गोबर डाला, खुले में स्नान किया या थूका तो ग्राम पंचायत जुर्माना वसूल सकती है। यही नहीं, मकानों, दुकानों, मैरिज गार्डन व होटलों के आगे से कचरा उठाने पर ग्राम पंचायत हर महीने शुल्क वसूल करेगी। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने कचरा उठाने का शुल्क व नियमों की पालना नहीं करने वालों के खिलाफ जुर्माना राशि भी तय कर दी है। ऐसे में अब नगर निकायों की तरह गांवों में भी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम लागू होगा।
कचरा उठाने का दस रुपए शुल्क
घर-घर कचरा संग्रहण योजना में ग्राम पंचायत द्वारा प्रतिमाह 10 रुपए लिए जाएंगे। इसी प्रकार दुकानों, चाय की थड़ी व मिठाइयों की दुकानों के आगे से कचरा उठाने के हर महीने 150 रुपए, गेस्ट हाउस, छात्रावास के आगे से 200 रुपए लिए जाएंगे। हालांकि छात्रावास से यह राशि कम करने का प्रस्ताव लिया है। सरकारी कार्यालय बैंक, व्यावसायिक कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान के आगे से 250, होटल रेस्टोरेंट के आगे से 300, थ्री स्टार होटल के आगे से 500, ५ स्टार होटल के आगे से 8 00, क्लिनिक, डिस्पेंसरी व लैबोरेट्री के आगे से 500, 50 बैड तक के क्लिनिक के आगे से 1000 रुपए तो 50 बैड से अधिक बड़े अस्पताल के आगे से कचरा उठाने के 2000 रुपए प्रतिमाह वसूले जाएंगे। इसके अलावा लघु व कुटीर उद्योग वर्कशॉप के आगे से 10 किलोग्राम तक कचरे के 400 रुपए, गोदाम, कोल्ड स्टोरेज के आगे से 8 00, 3 हजार वर्ग मीटर के मैरिज गार्डन व शादी हॉल के आगे से 1000 रुपए व इससे बड़े मैरिज गार्डन के आगे से कचरा उठाने के लिए 3 हजार रुपए प्रति माह देना होगा।
गंदगी फैलाई तो जुर्माना
यदि किसी ने आबादी इलाके में सड़क व गली में कचरा फैला दिया तो उससे एक बार में 100 रुपए वसूले जाएंगे। इसी प्रकार दुकानों के आगे कचरा डालने पर 100, रेस्टोरेंट मालिकों, होटल मालिकों, औद्योगिक प्रतिष्ठान मालिकों व मिठाई की दुकानों के आगे कचरा डालने वालों से 200 रुपए वसूले जाएंगे। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, खुले में स्नान करने व पेशाब करने वालों पर 50-50 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। खुले में शौच करने वालों से 100 व गोबर डालने वालों से 200 रुपए वसूले जाएंगे। इसी प्रकार घरों का कचरा पात्र में नहीं डालने पर 50 रुपए, बायो डिग्रेडेबल कचरे को अलग से से नहीं डालनेे, सूखे कचरे को अलग से नहीं देने, गार्डन वेस्ट, पेड़ों की छटाई का कचरा फैलाने पर 50-50 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। इसी प्रकार कचरा जलाने पर 100 रुपए, दुकानदरों को बिना कचरापात्र पाए जाने पर 150 वसूले जाएंगे। पालतू पशुओं को खुले में शौच करवाने, निर्माण सामग्री का कचरा फैलाने, बिना सक्षम अधिकारी स्वीकृति रोड कट करने, प्रचार-प्रसार के लिए पोस्टर चस्पा करने, मकान का गंदा पानी सड़क पर बहाने, सड़क पर बाइक मर?मत करने, मीट की दुकानों के आगे हड्डियां सड़क पर फेंकने, विवाह स्थलों के आगे कचरा डालने, सड़क किनारे सब्जी बेचने व कचरा फैलाने, फुटपाथ पर ढाबा लगाने, अस्पतालों के आगे गंदगी फैलाने आदि के लिए 200 रुपए वसूले जाएंगे। इसी प्रकार मकानों व दुकानों के आगे प्लास्टिक जलाने पर 100, प्लास्टिक कैरीबैग उपयोग करने पर 50 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा।
आबादी से दूर होगा कचरा भण्डारण
सड़कों, मकानों व दुकानों के आगे से कचरा संग्रहण कर भण्डारण स्थल पर डाला जाएगा। भण्डारण मु?य आबादी से कम से कम एक किलोमीटर दूर बनाना होगा। मकानों व दुकानों के आगे कचरा पात्र रखे जाएंगे। इनमें से हरे रंग के कंटेनर में जैव नि?नीकरण अपशिष्ट, सफेद में पुन: चक्रणयोग्य अपशिष्ट व नीले- काले कंटेनर में अन्य साधारण कचरा डाला जाएगा।
संग्रहण का समय भी तय
घर-घर कचरा संग्रहण के लिए समय भी निर्धारित किया है। सामान्यत: सुबह 7 से 11 बजे तक कचरा संग्रहित किया जाएगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व दुकानों के आगे से सुबह 9 से 12 बजे तक कचरा संग्रहण किया जाएगा। प्रत्येक कचरा संग्रहण केन्द्र कार्यकर्ता घंटी या वाहन का हॉर्न बजाएगा, ताकि लोग पात्र में कचरा डाल सकें।
बैठक में नहीं दिखे कांग्रेस के सदस्य
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अनुमोदन के लिए वर्तमान राज्य सरकार ने प्रस्ताव भेजा था, जबकि बैठक में कांग्रेस का एक भी सदस्य मौजूद नहीं था। इसके अलावा भाजपा के भी उप जिला प्रमुख कानाराम चौधरी, गिरजा कंवर, लक्ष्मी पुरोहित, संतोष मीना, नर्मदा कोली उपस्थित नहीं हुए। इसके अलावा सांसद, तीनों विधायक, पुलिस अधीक्षक नहीं आए।
सुबह कोरम पूरा नहीं
साधारण सभा की बैठक सवेरे ११ बजे रखी गई, लेकिन इसमें परिषद के दोनों पक्षों के सदस्य समय पर नहीं आने के कारण काफी देर तक इंतजार किया, फिर बैठक को एक बजे रखने का प्रस्ताव लिया। इसके बाद सभी अधिकारी भी बाहर चले गए। एक बजे फिर से अधिकारी सभाभवन में आ गए, लेकिन सदस्य नहीं आए, ऐसे में करीब सभी अधिकारी मोबाइल फोन का उपयोग करते नजर आए। करीब डेढ़ बजे फिर से बैठक शुरू हुई। इसमें जिला प्रमुख, रेखा राजपुरोहित, वीरमाराम, मंजूदेवी, भारमाराम, लीलादेवी तथा शंकरलाल समेत सात सदस्य मौजूद होने पर कोरम पूरा हुआ और स?बोधन के बाद प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बैठक में कार्यवाहक सीईओ हकिमताज व जिले के अधिकारी मौजूद थे।
ग्रामीणों की सहभागिता जरूरी
बैठक के लिए सभी को नोटिस दिए थे पर कई ने बताया कि हमारे पास नोटिस नहीं आए। मैंने यहां आकर देखा तो नोटिस किसी न किसी न रिसिव किया था। अगर यह बैठक नहीं होती तो आगामी आचार संहिता के कारण इस बड़े मुद्दे की अधिसूचना में विलंब हो जाता। इसलिए बिना पार्टी पालिटिक्स के इसका अनुमोदन किया। किसी भी सरकार का प्रस्ताव हो, विकास कार्य के लिए बाधा नहीं बनेंगे।इसके लागू होने के बाद सफाई से गांवों की गलियां चमक जाएंगी।
- पायल परसरामपुरिया, जिला प्रमुख, सिरोही