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जानिए डीएलबी निदेशक ने सभापति को क्यों दिया नोटिस

Mahesh Parbat

Publish: Jul 15, 2019 15:29 PM | Updated: Jul 15, 2019 15:29 PM

Sirohi

- दस कार्मिकों की नियुक्ति के मामले में नोटिस

सिरोही. डीएलबी निदेशक ने दस कार्मिकों को नौकरी देने के एक मामले में अब सिरोही नगर परिषद के सभापति को नोटिस जारी किया है। पन्द्रह दिन में जवाब नहीं देने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी तक दी है।
दरअसल, परिषद में प्रतिपक्ष नेता ईश्वरसिंह डाबी ने स्वायत्त शासन विभाग एवं संयुक्त सचिव को शिकायत की थी। इस पर जोधपुर के क्षेत्रीय उप निदेशक स्थानीय निकाय की ओर से जांच की गई। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर गुरुवार को डीएलबी निदेशक उज्ज्वल राठौड़ ने सभापति ताराराम माली को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
नहीं करवाई
प्राथमिकी दर्ज
नोटिस में बताया कि सभापति पद पर रहते हुए नियमों के परे जाकर दस लोगों को अवैध रूप से स्थाई नौकरी प्रदान कर लाखों रुपए का भुगतान किया। न्यायालय में वाद दायर होने के बाद सभी को नौकरी से बर्खास्त किया, लेकिन दसों जनों को जो राशि भुगतान की गई न तो उसकी रिकवरी हो पाई और न ही इस संबंध में गबन की प्राथमिकी दर्ज करवाई।
यह था मामला
नगर परिषद में 2015 में सभापति ताराराम माली और तत्कालीन आयुक्त लालसिंह ने प्रवीण दुलानी (एसआई), दिनेश कुमार, लादाराम रेबारी, जयंतीलाल माली, जवानाराम, भंवरसिंह, भलाराम, ईश्वरलाल, वीरेन्द्रसिंह और शारदा भील को अवैध रूप से नियुक्ति दी थी। इसमें जयंतीलाल सभापति का सगा भतीजा भी था। शहर में इसकी चर्चा होने, परिषद की बैठक में विरोध व जनप्रतिनिधियों को मामले की खबर मिली तो अक्टूबर में सभी की नियुक्ति निरस्त कर दी थी, लेकिन पांच जने स्टे लाए। बाद में कोर्ट के आदेश पर सभी को हटा दिया गया।

&अब तक मुझे नोटिस नहीं मिला है। राजनीतिक द्वेश-भावना से काम हो रहा है। नियम और कानून की जानकारी कमिश्नर को होती है। मैंने उस भर्ती में नियमानुसार लिख दिया था। ऐसे में कमिश्नर को नियम एवं कानून को फॉलो करना था।उसने नहीं किया तो इसका डिफॉल्टर कमिश्नर होता है। चूंकि मैं भाजपा का हूं, इसलिए किसी भी प्रकार से हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
- ताराराम माली, सभापति, नगर परिषद, सिरोही
शासन बदलते ही कार्रवाई शुरू
&सभापति तथा आयुक्त दोनों ने नियमों के खिलाफ जाकर नियुक्ति दी थी। इसको लेकर भाजपा सरकार के समय जिले से प्रदेश तक सभी अधिकारी जनप्रतिनिधियों को शिकायत की थी, लेकिन उस समय भाजपा की सरकार होने के कारण कार्रवाई नहीं हो पाई। अब सरकार बदलते ही कार्रवाईशुरू हो गई है।
- ईश्वरसिंह डाबी, नेता प्रतिपक्ष, नगर परिषद सिरोही