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VIDEO कांग्रेस उपाध्यक्ष देवड़ा ने विधायक लोढ़ा के आंदोलन को बताया राजनीतिक स्टंट

Bharat Kumar Prajapat

Publish: Aug 19, 2019 18:47 PM | Updated: Aug 19, 2019 18:47 PM

Sirohi

उथमण में स्थानीय वाहनों को टोल मुक्ति मामले में नया मोड़

सिरोही. कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष कुलदीपसिंह देवड़ा ने उथमण टोल प्लाजा पर स्थानीय वाहनों को शुल्क मुक्त करने के मामले में पार्टी के एसोसिएट सदस्य व निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार के धरना-प्रदर्शन को राजनीतिक स्टंट करार दिया है। देवड़ा ने रविवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि विधायक ने वार्ता के बाद मांगों के बारे में जो बताया, वह काम उनके नेतृत्व में चार साल पहले टोल संघर्ष समिति के बैनर तले कर दिया था। उन्होंने कहा कि चार साल पहले टोल वसूली शुरू होते ही उनके नेतृत्व में 20 किलोमीटर दायरे में टोल फ्री करने की मांग पर 20 दिन तक धरना दिया था जिस पर टोल प्रबंधन को झुकना पड़ा था। यह बात सभी लोगों को पता है।वर्तमान में सिरोही-शिवगंज के 70 फीसदी वाहन टोल फ्री हंै। इनके कार्ड बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि विधायक के मांग पत्र में संपूर्ण जिला टोल फ्री, सर्विस लेन बनाने समेत कई मांगें थीं, लेकिन पूरी नहीं हुईं।चार साल पहले टोल प्रबंधन की ओर से स्थानीय वाहन चालकों से डेढ़ सौ रुपए वसूले जाते थे। इसके विरोध में हमने टोल संघर्ष समिति बनाई। इसमें ट्रक यूनियन सुमेरपुर, टैक्सी यूनियन शिवगंज, पालड़ी एम तथा सिरोही समेत अन्य संगठनों को शामिल किया, इसमें भाजपा तथा कांग्रेस के कार्यकर्ता भी शामिल थे।

एक रुपए में तीन माह
देवड़ा ने बताया कि 20 किलोमीटर दायरे के वाहनों के लिए एक रुपए में तीन माह तक के 3900 कार्ड बनवाए थे, जिसमें अकेले सुमेरपुर में 900 कार्ड शामिल हैं जबकि शनिवार को विधायक वार्ता के बाद लोगों को बता रहे थे कि सुमेरपुर पालिका क्षेत्र को टोल फ्री कर दिया, जबकि यह तो संघर्ष समिति ने पहले ही कर दिया था। चार साल पूर्व की सुविधा का लाभ आज भी वाहन चालक ले रहे हैं। रोज तीन सौ गाडिय़ां फ्री में निकल रही हैं।600 गाडिय़ों पर टैग लगा हुआ है। यह सब चार साल पहले किया। उन्होंने कहा, विधायक कह रहे हैं कि शिवगंज को टोल फ्री किया जबकि हमने 265 रुपए में शिवगंज टैक्सी यूनियन की 56, पालड़ी टैक्सी यूनियन की 23 तथा सिरोही टैक्सी यूनियन की 11 गाडिय़ों के मंथली कार्ड बनाए तथा साढ़े तीन सौ ट्रकों का शुल्क पचास फीसदी करवाया था।

सिरोही से सारणेश्वर मार्ग का लेना था संज्ञान
देवड़ा का कहना था कि विधायक टोल प्रबंधन की ओर से फोरलेन पर डामर की लेयर डालने की बात कह रहे हैं जबकि हर पांच साल बाद सड़क निर्माणकर्ता कंपनी को यह करना ही पड़ता है। गड्ढे पाटने का काम तो टोल कंपनी ही करेगी। विधायक ने अगर सारणेश्वर से पालड़ी एवं अंदौर मार्ग पर काम करवाया होता तो खुशी होती। जो काम फोन पर होता, उसके लिए आंदोलन जरूरी नहीं था। आंदोलन से शिवगंज के 28 से तीस गांवों के लोगों को लाभ होगा।

विधायक हैं इसलिए मामला दर्ज नहीं
देवड़ा ने कहा कि किसान, मजदूर या अन्य कोई 20 मिनट तक आंदोलन करते हंै या फिर सड़क पर आते हंै तो मामला दर्ज किया जाता है, क्या विधायक है? इसलिए अब तक मामला दर्ज नहीं किया गया।लोगों को काफी परेशानी हुई, गांवों से वाहनों को निकलाया गया। उन्होंने सवाल किया कि आप सड़क पर बैठे थे, फिर बंद कमरे में वार्ता क्यों की? हमने आंदोलन किया था, तब सभी वाहनों को टोल से बिना शुल्क दिए निकलवाया था। प्रशासन को फोरलेन जाम करने पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। मामला दर्ज करना चाहिए, चाहे वो विधायक हों या चाहे आमजन। अगर प्रशासन जल्द कोई कार्रवाई नहीं करता है तो धरना दिया जाएगा।