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किसानों को मिला राहत का पानी, काचन सहित दो परियोजनाओं में खेतों के पलेवा में तेजी

Amit Pandey

Publish: Dec 12, 2019 15:11 PM | Updated: Dec 12, 2019 15:11 PM

Singrauli

किसानों की मांग उठे हेड के गेट....

सिंगरौली. जिले की सबसे बड़ी काचन परियोजना के किसानों के लिए सोमवार का दिन राहत लेकर आया। परियोजना के जल उपयोक्ता संघ व किसान प्रतिनिधियों की मांग पर जल संसाधन विभाग ने सोमवार सुबह काचन बांध के गेट उठाते हुए नहरों में पानी प्रवाहित कर दिया। कुछ ही घंटों में वितरितकाओं के टेल तक पानी पहुंच जाएगा। परियोजना क्षेत्र में गेहूं की बुवाई से पहले पलेवा के लिए विभाग की ओर से सोमवार को पानी छोड़ा गया है। किसानों को लगभग दस दिन एक बार पलेवा के लिए पानी दिए जाने का संकेत है। इससे गेहूं की बुवाई वाले परियोजना के पूरे क्षेत्र में एक बार पलेवा का काम हो सकेगा। इससे पहले रविवार को किसानों की मांग पर ही बसोरा जलाशय से भी पलेवा के लिए पानी देना शुरू किया गया है। इस प्रकार दो दिन में दो परियोजना क्षेत्र में गेहूं की बुवाई में राहत के तौर पर पलेवा के लिए किसानों को पानी मिलने लगा है। इससे काचन व बसोरा सिंचाई परियोजना क्षेत्र के किसानों के चेहरे खिल गए हैं।

बताया गया कि काचन परियोजना में नौगढ़ व खुटार वितरिका के अधीन क्षेत्र के किसान बुवाई से पहले पलेवा के लिए कुछ दिन से बांध से पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे थे। इस संबंध में दोनों वितरिकाओं के जल उपयोक्ता संघों के पदाधिकारियों की ओर से विभाग को लिखित आग्रह किया गया जबकि अन्य किसान प्रतिनिधि स्थानीय अधिकारियों से नहरों में प्रवाहित करने का आग्रह कर रहे थे। इस पर जल उपयोक्ता संघों की सहमति के बाद जल संसाधन विभाग ने सोमवार सुबह काचन बांध के गेट उठा दिए। इसके साथ ही परियोजना की नौगढ़ व खुटार वितरिकाओं में खेतों के लिए पानी बह निकला। इस पर किसानों की ओर से संतोष जताया गया है।


जल संसाधन विभाग के अधिकारी सूत्रों की ओर से बताया गया कि रबी सीजन में काचन परियोजना के अधीन लगभग 32 से 35 सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की बुवाई कराए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अनुसार ही इतने क्षेत्र में बुवाई में देरी को टालने के लिए सोमवार से परियोजना की दोनों नहरों में पानी चलाया गया है। दोनों नहरों को बांध से लगभग सौ क्यूसेक पानी दिया जा रहा है ताकि किसान समय पर पलेवा में पानी का उपयोग कर सकें। संकेत है कि परियोजना के अधिकतम क्षेत्र में बुवाई कराने के लिए नौगढ़ व खुटार वितरिका में लगभग दस दिन पानी चलाया जाएगा।

पलेवा के अलावा दो बार और मिलेगा पानी
विभाग का अनुमान है कि काचन बांध में उपलब्ध पानी से रबी सीजन में परियोजना के लगभग ३५ सौ हेक्टेयर में गेहूं की फसल को पकने तक पानी दिया जा सकेगा। बताया गया कि बांध में मौजूदा जल से किसानों को पलेवा के अलावा दो बार और सिंचाई के लिए पानी दिया जा सकेगा। इस प्रकार रबी सीजन में गेहूं के लिए काचन परियोजना के किसानों को तीन बार सिंचाई का लाभ मिल सकेगा। इसी प्रकार रविवार से बसोरा जलाशय से भी खेतों में पलेवा के लिए पानी छोड़ दिया गया है। बताया गया कि वहां परियोजना क्षेत्र के किसानों की मांग पूरी होने तक नहर में पानी चलाया जाएगा।

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