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कई बार की हिदायत पर भी नहीं टूटी कंपनियों की नींद

Ajit Shukla

Publish: Nov 11, 2019 00:40 AM | Updated: Nov 11, 2019 00:40 AM

Singrauli

दिल्ली पहुंचेगा कचरा प्रबंधन में लापरवाही का मामला....

सिंगरौली. कलेक्टर से लेकर नगर निगम आयुक्त तक ने कई बार कचरा प्रबंधन की निर्धारित व्यवस्था सुनिश्चित करने की हिदायत दी, लेकिन नतीजा सिफर रहा। कई बार की हिदायत के बावजूद कंपनियों में उचित व्यवस्था करने के बजाए पुराने ढर्रे पर कचरे को इधर-उधर ठिकाने लगाने का सिलसिला जारी है। बात मिनी रत्न कंपनी एनसीएल व देश की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादक परियोजना एनटीपीसी विंध्याचल की कर रहे हैं। फिलहाल कंपनियों के मनमानी की शिकायत अब केंद्र सरकार व कोयला मंत्रालय से किए जाने का निर्णय लिया गया है।

कंपनियों को उनकी रिहायशी कालोनी से निकलने वाले कचरे का प्रबंधन खुद उन्हें करने का प्रावधान है। कचरा प्रबंधन की निर्धारित प्रक्रिया नहीं अपनाने की स्थिति में कंपनियों पर भारी जुर्माने का नियम भी है। पूर्व में किए गए भ्रमण और कलेक्ट्रेट में आयोजित एक बैठक के दौरान नियम का हवाला देते हुए कलेक्टर केवीएस चौधरी और आयुक्त शिवेंद्र सिंह ने कंपनियों को कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद कंपनियों की ओर से अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इसको लेकर कलेक्टर काफी रोष में हैं।

पहले शिकायत, फिर होगी कार्रवाई
नगर निगम के सूत्रों की माने तो कचरा प्रबंधन को लेकर कंपनियों के उदासीनता की शिकायत केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय से किए जाने की तैयारी है। माना जा रहा है कि शिकायत में कंपनियों की ओर से कचरा प्रबंधन के लिए उचित व्यवस्था नहीं किए जाने और उससे स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंक प्रभावित होने की बात कही जाएगी। इसके बाद कंपनियों पर उनकी मनमानी पर बड़े जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।

पूरी तैयारी पर पानी फेर रही कंपनियां
स्वच्छता सर्वेक्षण में अव्वल स्थान दिलाने के लिए अधिकारियों ने एड़ीचोटी का जोर लगा दिया है। निगम अधिकारी कचरा प्रबंधन पर भी पूरा ध्यान दे रहे हैं, लेकिन कंपनियों की उदसीनता अधिकारियों की मंसा पर पानी फेर रही है। वजह नगर निगम क्षेत्र की कुल आबादी एक बड़ा हिस्सा कंपनियों की कालोनी में रहता। वहां से हर रोज भारी मात्रा में कचरा निकलता है, जिसका उचित प्रबंधन नहीं हो रहा है।

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