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होटलों में खपाए जा रहे घरेलू सिलेंडर, उपभोक्ताओं को समय पर नहीं हो रहा उपलब्ध, हो रही कालाबाजारी

Amit Pandey

Publish: Oct 20, 2019 15:22 PM | Updated: Oct 20, 2019 15:22 PM

Singrauli

गांवों की स्थिति बेहद खराब.....

सिंगरौली. घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर का उपयोग घरों से ज्यादा होटलों में हो रहा है।बस कीमत दोगुना चुकानी पड़ती है। उपभोक्ताओं को समय पर भले ही सिलेंडर न मिले लेकिन होटलों में घरेलू सिलेंडर आसानी से देखा जा सकता है।
एलपीजी गैस अब आम लोगों की जरूरतों में शामिल हो गया है। सरकार गरीबों को भी गैस कनेक्शन उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने गैस सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने व कार्डधारकों को समय पर गैस मिल सके, इसके लिए गैस की सब्सिडी भी देना प्रारंभ कर दिया है।

सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ताओं के खाते में जमा होती है। योजना को प्रारंभ करने के पीछे भी सरकार की मंशा कालाबाजारी रोकने के लिए था। इसके बाद भी कालाबाजारी नहीं रूका है। शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी आसानी से सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण एरिया में भी एजेंसी संचालित हैं। फिर भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा है। एजेंसियों में अक्सर सिलेंडर का अभाव रहता है। फिर भी सिलेंडर की कालाबाजारी की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान नहीं जा रहा है। कार्रवाई करना तो दूर ऐसे लोगों को चेतावनी तक नहीं दी जा रही है।

बरगवां बाजार की घटना से भी नहीं हुए सतर्क
15 अक्टूबर को बरगवां बाजार स्थित शाउमा विद्यालय के सामने एक होटल में घरेलू गैस से कामर्शियल सिलेंडर में गैस पलटी करते समय हादसा हो गया था। जिसमें 4 लोग झुलस गए थे। इसके बावजूद जिम्मेदारों की नींद नहीं टूट रही है। मालूम हो कि घरेलू सिलेंडर की कीमत कामर्शियल सिलेंडर से कम है। इसी वजह से होटलों में घरेलू गैस का प्रयोग अधिक मात्रा में किया जा रहा है। समय रहते जिम्मेदार अफसर इस पर अंकुश नहीं लगाए तो कभी भी बड़ा हादसा होने से कोई नहीं रोक सकता है।

जांच करने से कतरा रहे अफसर
बड़ी संख्या में होटल ढाबे संचालित हैं। यहां संचालकों ने ईंधन के लिए व्यवसायिक कनेक्शन तक नहीं लिया है और बेधडक़ गैस का उपयोग करते हैं। होटल में मनमानी ढंग से घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाता है। उन्हें नियमों की परवाह नहीं है न ही प्रशासन का खौफ । जिससे होटलों में घरेलू गैस सिलेंडर का नजारा अब आम हो गया है। नीले रंग के ज्यादा वजनी सिलेंडर का उपयोग करना भूल गए हैं। उन्हें घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग ही सुविधाजनक लगता है।

फैक्ट फाइल:
- जिले की आबादी करीब 14 लाख।
- उज्ज्वला के कनेक्शनधारी 1.48 लाख।
- करीब 50 हजार से अधिक अन्य उपभोक्ता।
- 16 हजार के आसपास सिंगल कनेक्शन।
- 34 हजार डबल कनेक्शनधारी।
- पांच सौ से अधिक व्यवसायिक कनेक्शनधारी।

जांच कराएंंगे
होटलों में घरेलू सिलेंडर का उपयोग हो रहा है, इसकी जानकारी नहीं है। जांच कराएंगे, यदि ऐसा मिला तो संबंधित के खिलाफ कार्र्रवाई की जाएगी।
बालेन्द्र शुक्ला, खाद्य नागारिक आपूर्ति अधिकारी।