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सबने मिलाया हाथ, कोयला चोरी में साथ, खदानों में पुलिस की शह पर कोयले में मिलावट का धड़ल्ले से हो रहा खेल !

Amit Pandey

Publish: Jan 29, 2020 20:54 PM | Updated: Jan 29, 2020 20:54 PM

Singrauli

जयंत चौकी क्षेत्र में अवैध कारोबार को नहीं लग रहा दाग....

सिंगरौली. एनसीएल की जंयत परियोजना से हो रहे कोयला चोरी में पुलिस सबसे बड़ा खेल कर रही है। पुलिस की मिलीभगत से कारोबार में दाग नहीं लग रहा है। बल्कि इस काले धंधे में पुलिस के आला अफसर भी हाथ मिलाकर साथ चल रहे हैं। जंयत खदानों से हर रोज कोयले से भरे ट्रेलर वाहनों को सफेद बताकर वाराणसी भेज दिया जाता है। इसके बाद काला पत्थर खदानों में भेजकर मिलावट करने का बड़ा खेल चल रहा है। यह सब जयंत चौकी पुलिस के मार्फत चल रहा है। जी, हां यह तो महज एक उदाहरण है।

इसके अलावा एनसीएल की परियोजनाओं से डीजल चोरी का काला कारनामा किया जा रहा है।हैरत की बात यह है कि माफियाओं पर शिकंजा कसने के बजाय पुलिस सहयोग करने में जुटी है। देखा जाए तो मुख्यालय से जंयत की दूरी छह किमी पर है। इसके बावजूद चौकी पुलिस पर कोई प्रतिबंध नहीं लगना अफसरों की मिलीभगत को उजगार करता है। इस काले धंधे को लेकर पुलिस के आला अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं।नतीजा कोयला चोरी का काला धंधा रूकने का नाम नहीं ले रहा है। मुनाफा के चक्कर पुलिस के अधिकारियों ने चौकी पुलिस को खूली छूट दे रखा है। इससे एनसीएल को करोड़ों का राजस्व नुकसान हो रहा है। वहीं हाइटेक पुलिस की किरकिरी हो रही है।

पुलिस व ट्रांसपोर्टरों का गठजोड़
कोयला चोरी के मामले में पुलिस व ट्रांसपोर्टरों का गठजोड़ है। यही कारण है कि चार-छह ट्रेलर वाहन आसानी से पार कर दिया जाता है। इससे एनसीएल को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। बतादें कि कुछ नामचीन ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत से चौकी पुलिस इस कारोबार को आसानी से अंजाम देती है। ट्रांसपोर्टर भी कमार्ई के फेर में पुलिस की बात को अनसुना नहीं करते। बल्कि पुलिस के संरक्षण में कोयला चोरी करते हैं।

अभी भाजपाइयों ने लगाया था आरोप
चौकी पुलिस का कारनामा किसी से छिपा नहीं है।हाल ही में एक प्रदर्शन के दौरान भाजपाइयों ने चौकी प्रभारी जयंत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि चौकी प्रभारी खुद को पंचायत मंत्री का रिश्तेदार बताते हैं। जिससे उन पर कार्रवाई करने की हिम्मत पुलिस अधिकारी नहीं जुटा पाते हैं। स्थानांतरण के बाद पुन: जिले में आने के बाद जयंत चौकी में पदस्थ होना साबित करता है कि चौकी प्रभारी महेंद्र पटेल काले कारनामों को बढ़ावा देकर डूबकी लगा रहे हैं। यदि इस पर शिकंजा नहीं कसा गया तो भाजपा चौकी का घेराव कर आंदोलन करेगी।

इधर, ओवरलोड पर कमीशन का खेल
सूत्र बताते हैं कि कोल वाहनों के ओवरलोड में कमीशन का खेल चल रहा है। ओवरलोड वाहनों के ट्रांसपोर्टर चौकी पुलिस को कमीशन देकर मुंह बंद कर देते हैं। यही कारण है कि ये कोल वाहन सडक़ों पर मौत बनकर दौड़ते हैं। बाद में भले ही पुलिस को झंझट मोल लेना पड़े लेकिन ऐन मौके पर चौकी पुलिस मोटी रकम के बलबूते कोल वाहनों को ओवरलोड़ परिवहन कराती है। यह पुलिस के संज्ञान में है कि कौन से वाहन में कितना ओवरलोड़ कोयला भरा है।

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