स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

नगर निगम का प्रस्ताव कंपनियों में अटका, बजट के अभाव में चौराहों पर नहीं लगा सिग्नल

Amit Pandey

Publish: Nov 14, 2019 15:38 PM | Updated: Nov 14, 2019 15:38 PM

Singrauli

नहीं मिला जवाब.....

सिंगरौली. यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य को लेकर चौराहों पर सिग्नल लगाने की योजना बजट के अभाव में अटक गई है। यातायात विभाग ने नगर निगम को प्रस्ताव भेजा और निगम ने सीआरएस के तहत कंपनियों से बजट की मांग की, लेकिन कंपनियों से निगम के प्रस्ताव पर कोई जवाब नहीं मिला। नतीजा महीनों पहले भेजा गया प्रस्ताव अधर में लटका हुआ है। निगम अधिकारियों की माने तो चौक-चौराहों पर सिग्नल लगाने के लिए करीब 50 लाख का बजट चाहिए।

शहर में जब विकास की बात होती है तो सबसे पहले शहर की सडक़ें और ट्रैफिक व्यवस्था पर नजर दौड़ाई जाती है। यहां जिले में यह व्यवस्था लडख़ड़ा गई है। न तो पर्याप्त सडक़ें और न हीं ट्रैफिक सिग्नल। एक मुख्य मार्ग है भी तो बिना ट्रैफिक सिग्नल वाहनों की आवाजाही हो रही है। ऐसे में विकास का दावा और दुर्घटनाओं प र लगाम लगाने की कवाय बेमानी साबित होती दिख रही है। मुख्य मार्ग पर भी यातायात की चौकस व्यवस्था नहीं है।जबकि वाहनों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।

सीएसआर मद से लगाना था सिग्नल
बतादें कि एनसीएल सहित अन्य कंपनियों को भेजे गए प्रस्ताव में यह उल्लेख किया गया था कि वह सीएसआर मद से शहर सहित ग्रामीण अचंलों में चौक-चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाने के लिए बजट उपलब्ध कराएं। हैरानी की बात है कि प्रस्ताव भेजे अरसा बीत गया लेकिन कंपनियों की ओर से प्रस्ताव को लेकर कोईजवाब नहीं मिला। नतीजा शहर सहित ग्रामीण अंचल में चौक-चौराहों से फर्राटे के साथ निकले वाले वाहनों पर लगाम लगाना संभव नहीं हो रहा है।

शहर से गांव तक दर्जनभर चौराहे
आए दिन होने वाले दुर्घटनाओं के मद्देनजर शहर से लेकर गांव तक करीब दर्जनभर चौक चौराहें ऐसे हैं। जहां ट्रैफिक सिग्नल लगाया जाना जरूरी माना जा रहा है। इस मसले को लेकर यातायात पुलिस ने नगर निगम को दो बार पत्र लिखा है, लेकिन अधिकारियों ने रूचि नहीं लिया है। जिससे चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने का मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है।

[MORE_ADVERTISE1]