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किसानों ने भर दी झोली, अंतिम समय में धान की खरीदारी अनुमान से पार

Amit Pandey

Publish: Jan 23, 2020 14:50 PM | Updated: Jan 23, 2020 14:50 PM

Singrauli

7 लाख क्विंटल से अधिक रही खरीद....

सिंगरौली. धीमी गति से चलते हुए जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीद की कुल मात्रा आखिर पूरे सीजन में पूर्व अनुमान के बैरियर को पार कर ही गई। शासन के आदेश से जिले में भी धान की खरीद 20 जनवरी को बंद हो गई। जिले में इस सीजन में खरीद एजेंसियों ने 7 लाख 42 हजार 622 क्विंटल धान की समर्थन मूल्य पर खरीद के आंकड़े को छू लिया। जिले में इस बार 28 केंद्रों पर साढ़े छह लाख क्विंटल धान की खरीद का अनुमान लगाया गया था पर खरीद बंद होने से कुछ दिन पहले तक इतनी खरीद हो पाना मुश्किल लग रहा था मगर अंतिम दिनों में खरीद केंद्रों पर जमकर आवक होने के कारण खरीद एजेंसिंयां अनुमान से अधिक मात्रा में खरीद करने में कामयाब रही हैं। इस सीजन में कुल पंजीयन कराने वालों में से 12475 किसान अपनी उपज बिक्री के लिए लेकर खरीद केंद्रों पर पहुंचे।

जिले में खरीद शुरू होने के समय दो दिसंबर को प्रशासन, सहकारिता, आपूर्ति व कृषि विभाग के स्तर पर इस सीजन में सभी केंद्रों पर लगभग साढ़े छह लाख क्विंटल धान का उपार्जन होने का अनुमान लगाया गया था। मगर अंतिम समय आते आते किसानों ने सरकार की झोली भर दी और अनुमान से ज्यादा सात लाख क्विंटल से अधिक धान शासन के गोदाम में भर दिया। इससे खरीद एजेंसियां और उनसे जुड़े अधिकारी मुदित हैं। अधिकारी सूत्रों के अनुसार सीजन की खरीद समाप्त होने तक जिले में 7,42,622 क्विंटल धान की समर्थन मूल्य पर खरीद की गई है। हालांकि इस मात्रा में पंजीयन कराने वाले सभी किसानों की उपज शामिल नहीं हैं। इसके बावजूद खरीद का आंकड़ा लगभग साढ़े सात लाख क्विंटल तक पहुंचना जिले में इस बार धान की भरपूर पैदावार होने को दर्शाता है।

यहां उल्लेखनीय है कि इस बार जिले में समर्थन मूल्य पर धान की खरीद एक सप्ताह देर से शुरू हुई। इस कारण आशंका जताई जा रही थी कि अनुमानित मात्रा में धान की खरीद नहीं हो सकेगी मगर खरीद शुरू होने में देरी के बावजूद जिले में अनुमान से अधिक खरीद हुई और पूरे सीजन में किसी भी केन्द्र पर कोई विवाद जैसी स्थिति भी नहीं बनी। इस प्रकार खरीद का सीजन शांति से बीत जाने पर खरीद एजेंसियां व उनके अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।

835 का मामला अटका
खरीद बंद होने के बाद भी जिले में पंजीयन कराने वाले 835 किसानों का मामला अटक गया है। इन किसानों की उपज की खरीद नहीं हो पाई है। बताया गया कि इसका कारण इन किसानों को टोकन जारी नहीं हो पाना रहा। सामने आया कि किसी बाधा के चलते पूरे जिले के 835 किसानों को धान उपार्जन के लिए टोकन जारी नहीं हो पाया। इस कारण संबंधित खरीद केन्द्रों पर इन किसानों के धान की खरीद भी नहीं हो पाई। इस बीच खरीद का समय बीत गया। बताया गया कि अब इन किसानों को राहत के लिए जिला प्रशासन की ओर से शासन को पत्र लिखा गया है। इसमें उपार्जन से वंचित रह गए 835 किसानों के धान खरीद की विशेष मंजूरी देने का आग्रह किया गया है।

विशेष मंजूरी पर होगी खरीद
सहकारिता विभाग की ओर से बताया गया कि अब शासन से विशेष मंजूरी मिलने के बाद इन 835 किसानों की उपज की खरीद की जाएगी। अनुमान है कि आगामी सप्ताह तक इन किसानों की उपज खरीद की शासन से विशेष मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद इतने किसानों की उपज की और खरीद होने पर जिले में इस सीजन में धान खरीद की कुल मात्रा का आंकड़ा बढ़ जाएगा।

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