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नर्स के भरोसे प्रसूताओं का उपचार, रात के समय गायनी वार्ड में नहीं रहते डॉक्टर

Amit Pandey

Publish: Dec 13, 2019 14:18 PM | Updated: Dec 13, 2019 14:18 PM

Singrauli

हिदायत के बावजूद लापरवाही है बरकरार.....

सिंगरौली. जिला अस्पताल में डॉक्टरों को तमाम हिदायत के बाद भी लापरवाही बरकरार है। ट्रामा सेंटर गायनी वार्ड की हकीकत जानकार आप चौक जाएंगे। यहां रात में प्रसूताओं का इलाज नर्सों के भरोसे रहता है। यदि कोई गंभीर केस हो तो उसे भी ड्यूटी नर्स संभालती है। इसी लापरवाही में प्रसूताओं की जान चली जाती है। अभी हाल ही में बीते एक सप्ताह पहले जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर में देर रात एक प्रसूता की मौत हो गई थी। लापरवाही का आरोप लगाकर परिजनों ने हंगामा भी किया। यह तो उदाहरण के तौर पर है, ऐसे कई प्रसूताओं को रात के समय में पीड़ा सहन करनी पड़ती है।

बावजूद इसके हालात में सुधार नहीं होना जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है। गायनी वार्ड में अक्सर रात के समय में ड्यूटी नर्सों के भरोसे प्रसूताओं का उपचार रहता है। इससे प्रसूताओं की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर प्रबंधन अनजान हैं, उन्हें गौर फरमाने की जरूरत है। लापरवाही का आलम यह है कि गायनी वार्ड में भर्ती प्रसूता व परिजनों के साथ नर्सों का बर्ताव अच्छा नहीं है। जिस कारण आए दिन विवाद की स्थिति भी निर्मित होती है।

दर्द से कराहती हैं प्रसूताएं
जिला अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को रात में आफत होती है। प्रसूताएं पीड़ा से कराहती रहती हैं लेकिन उनकी दर्द सुनने वाला कोई नहीं रहता है। जबकि रात के समय में गायनी वार्ड में नर्सें ड्यूटी में तैनात रहती हैं। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी स्थिति से वाकिफ होने का जहमत नहीं उठाते हैं। जबकि अफसर व्यवस्थाओं में सुधार होने का दावा करते हैं। हकीकत देखने पर पता चलता है कि यहां गायनी वार्ड भी भगवान भरोसे चल रहा है।

क्यों नहीं हो रहा सुधार
जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर की स्थिति में सुधार आखिर क्यों नहीं हो पा रहा है। जिससे नर्र्स व डॉक्टरों की लापरवाही बरकरार है। लंबे समय से बेपटरी हुई उपचार व्यवस्था तमाम कोशिशों के बावजूद पटरी नहीं लौट रही है। मरीज कभी ओपीडी में चक्कर काटते हैं तो कभी दवा व जांच कराने के लिए परेशान होते हैं। ये हालात लंबे समय से जिला अस्पताल का बना है। यहां मरीजों की परेशानी दूर होने की बजाय और बढ़ रही है।

वर्जन:-
गायनी वार्ड में रात के समय में डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाती है। डॉक्टर ड्यूटी ंमें मौजूद रहते हैं। यदि लापरवाही बरती जा रही है तो चेक करेंगे। अनुपस्थित पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
डॉ. एनके जैन, सिविल सर्जन जिला अस्पताल।

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