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छात्रों को पढ़ाने में मटरगस्ती मास्टर साहब पर पड़ी भारी, स्कूल में देना पड़ रहा अब दो घंटे का अतिरिक्त समय, जानिए क्या है मामला

Amit Pandey

Publish: Nov 07, 2019 14:49 PM | Updated: Nov 07, 2019 14:49 PM

Singrauli

सिंगरौली कलेक्टर ने बढ़ाया स्कूल टाइम.....

सिंगरौली. शासकीय स्कूलों के मास्टर साहब की ओर से की गई मटरगस्ती अब उन पर भारी पड़ रही है। पढ़ाई में सुस्ती के चलते पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो सका है। जिसके चलते अब उन्हें स्कूल में हर रोज दो घंटे अतिरिक्त समय देना पड़ रहा है। स्कूलों में अधूरे पाठ्यक्रम के मद्देनजर कलेक्टर केवीएस चौधरी ने स्कूल टाइम में परिवर्तन कर शिक्षकों को दो घंटे अतिरिक्त समय देने का निर्देश जारी किया है।

कलेक्टर की ओर से जारी निर्देश के तहत अब स्कूलों में कक्षाओं का संचालन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक करना पड़ रहा है। इससे पहले 10.30 बजे से 4.30 बजे तक कक्षाएं संचालित होती थी। अधूरे पाठ्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई और स्कूलों के समय में परिवर्तन करते हुए पांच नवंबर को न केवल आदेश जारी किया बल्कि उस पर तत्काल करने को भी कहा। कलेक्टर के आदेश के अनुपालन में स्कूलों के प्राचार्यों ने तत्काल प्रभाव से स्कूल का समय बदल दिया है। शिक्षकों को निर्देश है कि बढ़े अतिरिक्त समय में उनकी ओर से अतिरिक्त कक्षाएं लेेकर पीछे चल रहे पाठ्यक्रम को पूरा किया जाए।

गौरतलब है कि स्कूलों के निरीक्षण में यह बात सामने आई थी कि पढ़ाई काफी पीछे चल रही है। इसके अलावा अभिभावकों की ओर से भी शिक्षा अधिकारियों के पास पाठ्यक्रम पीछे चलने की शिकायत की गई थी। बतादें कि अद्र्धवार्षिक परीक्षा होने में बहुत कम समय बचा है लेकिन पाठ्यक्रम त्रैमासिक स्तर का भी पूरा नहीं हुआ है। इसे शिक्षकों की बड़ी लापरवाही मानते हुए जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता लिया। ताकि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके।

...और हो गई न फजीहत
मजे की बात तो यह है कि पहले मस्साब निर्धारित समय 10.30 बजे स्कूल पहुंचते थे और शाम 4.30 का समय मटरगस्ती करके व्यतीत करते थे। इससे पढ़ाई नहीं हो पा रही थी, बल्कि पूरे पाठ्यक्रम अधर में लटका हुआ था। अब नया आदेश जारी होने के बाद मस्साबों की फजीहत हो गई। उन्हें पूरा समय स्कूल में देना पड़ेगा। यदि नए आदेश के तहत कोई लापरवाही मिली तो शिक्षकों पर कार्रवाई का हो सकती है।

...ताकि पूरा हो जाए पाठ्यक्रम
दिसंबर माह में अद्र्धवार्षिक परीक्षा आयोजित होगी। जिला प्रशासन की मंशा है कि जब पाठ्यक्रम अधूरा रहेगा तो छात्र परीक्षा कैसे देंगे। उन्हें संबंधित विषयों के पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी नहीं रहेगी। साथ ही बोर्ड परीक्षा का आधा समय गुजर गया है। जिसे ध्यान में रखते समय में परिवर्तन कर पाठ्यक्रमों को पूरा करने का फरमान जारी कर दिया है। इससे छात्रों को सहूलियत होगी और पाठ्यक्रम भी पूरे हो जाएंगे।

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