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दुर्घटना रोकने की कोशिश नाकाम, बीते वर्ष खूनी सडक़ों ने ली 160 लोगों की जिंदगी

Amit Pandey

Publish: Jan 16, 2020 22:06 PM | Updated: Jan 16, 2020 22:06 PM

Singrauli

इस वर्ष भी कुछ ऐसा ही हाल...

सिंगरौली. ऊर्जाधानी की सडक़ें खूनी हो गई हैं। सडक़ों पर वाहन यमराज बनकर दौड़ रहे हैं। बीते वर्ष तेज रफ्तार में 160 बेकसूर लोगों ने जान गंवाई। इस वर्ष भी कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिल रहा है। देखा जाए तो अभी तक में सडक़ दुर्घटना में जहां छह लोगों की मौत हो गई है। वहीं दर्जनभर से अधिक घायल हुए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि यहां दुर्घटनाओं का मुख्य वजह सडक़ों का अभाव है।

जिले की आबादी बढ़ रही है। साथ ही वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है लेकिन सडक़ें नहीं हैं। यही कारण है कि यहां लाख कोशिश के बावजूद सडक़ दुर्घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।इस गंभीर मसले को लेकर प्रशासन को गंभीरता दिखाने की जरूरत है। शहर से गांव तक बायपास का होना बहुत जरूरी है। दुर्र्घटना होने के बाद जनप्रतिनिधि व अफसर कई दावे करते हैं। मगर, चंद दिनों बाद दुर्घटना को भूलाकर दावे को भी भूल जाते हैं।

दुर्घटना से वर्ष का आगमन
हैरान करने वाली बात यह है कि इस वर्ष का आगमन दुर्घटना से ही हुआ है। बरगवां रोड स्थित हर्रैया में यात्री बस पेड़ से टकरा गई थी। इसके बाद लगातार दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं। बरगवां, गोंदवाली, मुड़वानी डैम, मोरवा व दुद्धीचुआ में हुई सडक़ दुर्घटनाओं में अब तक में छह लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

हाल की ये दुर्घटनाएं:
केस-एक
बरगवां थाना क्षेत्र के डगा पेट्रोल टंकी के पास सोमवार की शाम बरगवां से फुलवारी जा रहा ऑटो वाहन को तेज रफ्तार बल्कर चालक ने जोरदार टक्कर मार दिया। जिससे ऑटो में सवार रामनरायण बैगा (28) पिता प्रभुदास बैगा निवासी फुलवारी की मौके पर मौत हो गई। वहीं ऑटो में सवार दर्र्जनभर लोग घायल हो गए हंै।

केस-दो
बरगवां थाना क्षेत्र के गोंदवाली में कोल वाहन ने बाइक सवार को कुचल दिया। जिससे मौके पर दो लोगों की मौत हो गई। वहीं दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गुस्साए लोगों ने मार्ग पर जाम लगाकर घटना का विरोध किया था। पुलिस के समझाइश के बाद मामला शांत हुआ था।

यही है मुख्य वजह:
- सडक़ें सकरी हैं।
- अलग रूट नहीं है।
- कोल परिवहन होना।
- डेंजर प्वाइंट पर कोई सुधार नहीं।
- शहर में भी बायपास नहीं

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