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डेढ़ हजार कुपोषित, मिले सात सौ, खून के इंतजाम का दावा कर रहा रेडक्रॉस सोसायटी

Amit Pandey

Publish: Aug 09, 2019 13:04 PM | Updated: Aug 09, 2019 13:04 PM

Singrauli

बच्चों तक नहीं पहुंचा स्वास्थ्य विभाग.....

सिंगरौली. जिलेभर में कुपोषित बच्चों की संख्या करीब डेढ़ हजार से अधिक है लेकिन स्वास्थ्य विभाग मैदानी अमला के दस्तक अभियान में 791 बच्चे कुपोषित मिले हैं। जबकि हकीकत यह है कि जिले में डेढ़ हजार से अधिक बच्चे कुपोषण का दंश झेल रहे हैं। शेष बच्चों तक स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला नहीं पहुंचा।

बात करें एनीमिक बच्चों की तो उनकी भी संख्या चौकाने वाली है। रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन का दावा है कि खून का पर्याप्त इंतजाम कर लिया गया है लेकिन अब बच्चे नहीं पहुंच रहे हैं। रेडक्रॉस के पास रखा ब्लड खराब होने की स्थिति में है। रेडक्रॉस ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बताईहै।

अभियान खत्म होने के बाद भी महज 105 बच्चों को ब्लड चढ़ाया गया है। जबकि 2303 बच्चे खून की कमी का दंश झेल रहे हैं। दस्तक अभियान के खत्म होते ही कुपोषित व एनीमिक बच्चों को स्वास्थ्य महकमा भूल गया। यही वजह है कि जिले के आदिवासी अंचल में मासूम बच्चे कुपोषण व एनीमिक का दंश झेलते रहते हैं।

10 जून से 20 जुलाईतक चला अभियान
जिले में 10 जून से शुरू दस्तक अभियान 20 जुलाई तक चला है। अभियान का उद्देश्य यह था कि जिले के सभी गांव मेें स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर कुपोषित व एनीमिक बच्चों को चिंहित करेगी। इसके साथ ही सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करना था। एक महीने के अंतराल में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दस्तक अभियान के नाम पर खानापूर्ति करते हुए चंद बच्चों को ब्लड चढ़वाकर वाहवाही लूट लिया है। अभी कई बच्चे खून की कमी से जूझ रहे हैं।

2408 बच्चे एनीमिक,105 को चढ़ा ब्लड
दस्तक अभियान में कुल 2408 एनीमिक बच्चे मिले हैं। जिसमें अभी तक में सिर्फ 105 बच्चों को ब्लड चढ़ा है। बाकी शेष बच्चों को ब्लड नहीं चढ़ पा रहा है। इसका कारण है कि अभियान समाप्त होने के बाद स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला उन बच्चों को ब्लड चढ़ाने के लिए अस्पताल नहीं पहुंचा रहा है। विभाग की ओर से खानापूर्ति के लिए अभियान तो चला दिया गया है। लेकिन अब बच्चे नहीं पहुंच रहे हैं।

चिंहित करने के बाद भूल गया स्वास्थ्य विभाग
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरपी पटेल ने बताया कि अभियान 20 जुलाई को समाप्त हो गया है। जिले के 1.46 लाख से अधिक बच्चों का अभियान के तहत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। हैरान करने वाली बात यह हैकि बच्चों को चिंहित करने के बाद स्वास्थ्य विभाग उन्हें भूल क्यों गया।

फैक्ट फाइल:-
- 1.46 लाख बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण।
- 2408 बच्चे एनिमिक मिले।
- 791 बच्चे कुपोषित मिले।
- 738 गांवों में किया दौरा।
- 105 बच्चों को चढ़ाया गया ब्लड