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अभियान पर प्रश्नचिन्ह : रस्म अदायगी को याद आती हैं बेटियां, महज दिखावा तक ही सीमित सारी कवायद

Amit Pandey

Publish: Jan 29, 2020 21:05 PM | Updated: Jan 29, 2020 21:05 PM

Singrauli

महिला बाल विकास विभाग एक बार आयोजित करता है कार्यक्रम...

सिंगरौली. बेटियों का संरक्षण, उनको शिक्षित व संस्कारित बनाने के लंबे-चौड़े दावे हो रहे हैं मगर जिले में सरकारी स्तर पर बिटिया को बचाने की रस्म अदायगी होती है। जिले में इस अहम काम का जिम्मा महिला एवं बाल विकास विभाग पर है मगर विभाग हर स्तर पर केवल औपचारिकता निभाने से आगे नहीं बढ़ रहा। इस प्रकार इस पिछड़े जिले में बालिका संरक्षण का काम केवल रस्मी और फोटो खिंचवाने तक ही सिमटा है।

अभी पिछले दिनों महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत अभियान का आयोजन कर कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। मगर, हकीकत देखा जाए तो बेटियों को लेकर चलाया गया अभियान दिखावे तक सीमित है। चंद मिनट के कार्यक्रम में खानापूर्ती के बाद विभाग के अफसर वाहवाही लूटते हैं। यही कारण है कि संबंधित विभाग को बेटियां एक बार ही याद आती हैं।

देखा जाए तो महिला एवं बाल विकास हकीकत कम, औपचारिका ज्यादा करता है। जमीनी स्तर पर हकीकत देखने पर पता चलता है कि अफसरों के दावे बेमानी लगते हैं। कुछ ऐसा ही हाल बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में देखने को मिला है। अभियान के तहत दो-चार गतिविधियों का आयोजन कर दिखावा कर दिया गया है।

निजी संस्थाएं करती हैं जागरूक
देखा जाए तो संबंधित विभाग से अधिक निजी संस्थाएं बेटियों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते हुए उन्हें जागरूक करती हैं। इसी तरह महिला बाल विकास विभाग भी अपनी जिम्मदारियों का बेहतर तरीके से निर्वहन करें तो अभी हाल ही में चलाया गया बेटी बचाओ अभियान सार्थक रहता। मगर, ये अफसरान खानापूर्ति करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। अभियान चाहे कोई भी हो, उसे बेहतर करने की कवायद में नहीं रहते है, बल्कि दिखावा खूब करते हैं।

26 तक चला अभियान
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं के तहत 20 से 26 जनवरी तक अभियान चलाया गया था। अभियान में महिला बाल विकास के अधिकारी परियोजना क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में रैली के साथ-साथ कई गतिविधियों को आयोजित किया गया है। इस दौरान बेटियों पर हो रहे अत्याचार के बारे में भी जागरूक किया गया। विशेष तौर पर बेटियों को बढ़ावा देने के लिए अभियान आयोजित किया गया था।

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