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डीईओ साहब...स्कूलों में कब नसीब होगा छात्रों को फर्नीचर, बजट जारी हुए दो वर्ष से अधिक समय बीता, जानिए क्या आ गई अड़चने

Amit Pandey

Publish: Nov 08, 2019 14:12 PM | Updated: Nov 08, 2019 14:12 PM

Singrauli

डीएमएफ मद से जारी हुई है करोड़ों की राशि......

सिंगरौली. स्कूल के छात्रों को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने का सपना आज भी अधूरा है। शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही का आलम यह है कि दो साल बीत गए हैं और छात्रों को फर्नीचर नसीब नहीं हुआ। कार्य प्रगति पर बताया जा रहा है। जबकि बजट वर्ष 2017 में जारी हुआ है। डीएमएफ मद से हाई व हायर सेकण्ड्री स्कूलों में ड्यूल डेस्क के लिए 4.50 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई थी। इधर कार्य को प्रगति पर बताते हुए शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अफसरों ने राशि खर्च होने का हवाला दे दिया है, लेकिन जिले में आज भी कई ऐसे स्कूल हैं जहां ड्यूल डेस्क प्रदाय नहीं किया जा सका है।

ज्यादार स्कूलों के छात्र टूटी-फूटी टेबिल पर बैठकर पठन-पाठन करने को मजबूर हैं। ये हकीकत देखने पर शिक्षा विभाग के अफसरों का दावा बेमानी साबित होता है। स्कूली छात्रों को विद्यालय में बैठने के लिए कोई दिक्कतें न हों, इसके लिए संबंधित विभाग को राशि तो दी गई है। मगर, डीएमएफ मद की यह राशि कहां और कैसे खर्च की जा रही है।अफसरों के पास इसका कोई नहीं है। फिलहाल कार्य को प्रगति पर दिखाया जा रहा है।

माध्यमिक स्कूलों का भी यही स्थिति
जिले के 507 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में ड्यूल डेस्क के लिए मई 2017 में डीएमएफ मद से 18.54 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई। विभाग के अफसरों ने 6.65 करोड़ की राशि व्यय किया है। स्कूलों में ड्यूल डेस्क की व्यवस्थाएं नहीं कर सके। स्थिति यह है कि माध्यमिक स्कूलों के छात्रों को कक्षा में बैठने के लिए परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। इस ओर जिम्मेदार अफसरों की नजरें इनायत नहीं हो रही है।

दो साल बीत गए, स्थिति पुरानी
हाई व हायर सेकण्ड्री स्कूलों में ड्यूल डेस्क के लिए खनिज प्रतिष्ठान मद से बजट जनवरी व मई २०१७ में जारी किया है। मई में जारी हुए बजट में सख्त निर्र्देशित किया गया था कि ७० हाई व हायर सेकण्ड्री स्कूलों में ड्यूल डेस्क की व्यवस्था करें। दो साल बीत गए, लेकिन अफसरों की लापरवाही के चलते ग्रामीण अंचल के ज्यादातर स्कूलों में व्यवस्था नहीं की गई है।

प्राइमरी स्कूलों में टाट-पट्टी की दरकार
जहां से नौनिहालों के शिक्षा की शुरूआत होती है। वह है जिले के प्राथमिक विद्यालय। यहां की हकीकत जानकर आप चौक जाएंगे। यहां छात्रों को बैठने के लिए टाट-पट्टी भी नसीब नहीं हो रहा है। स्थिति यह कि नौनिहालों को फटे टाट-पट्टी पर बैठाकर शिक्षा दी जा रही है। जबकि प्राइमरी विद्यालयों में छात्रों के लिए सुविधाएं भरपूर दी जा रहीं हैं लेकिन इसका लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है।

हाई व हायर सेकण्ड्री स्कूलों को:
स्वीकृत/प्रदाय व्यय राशि कार्य का वर्तमान स्थिति
3.29 करोड़ 3.28 करोड़ प्रगति पर
1.53 करोड़ 1.52 करोड़ प्रगति पर

वर्जन:-
स्कूलों में ड्यूल डेस्क उपलब्ध कराया गया हैै। जिन विद्यालयों में ड्यूल डेस्क की व्यवस्था नहीं की गई है। वहां की जानकारी जांच के बाद ही बता पाएंगे।
बृजेश मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी सिंगरौली।

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