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सहकारिता विभाग की लापरवाही उजागर : खरीदी केन्द्रों पर सैकड़ों क्विंटल धान की उपज को नुकसान

Amit Pandey

Publish: Dec 14, 2019 14:29 PM | Updated: Dec 14, 2019 14:29 PM

Singrauli

बारिश रहने की संभावना बरकरार....

सिंगरौली. ऊर्जाधानी में गुरुवार की देर रात अचानक हुईबारिश से जहां ठंड बढ़ गईहै। वहीं जिलेभर में खरीदी केंद्रों पर कुल 34 हजार 604 क्विंटल धान की उपज को भीग जाने से काफी नुकसान हुआ है। अफसरों के लापरवाही का आलम यह है कि मौसम विभाग के जारी अलर्टके बावजूद खरीदी केंद्रों में कोई इंतजाम नहीं किया गया। बारिश के बाद सहकारिता विभाग धान की बोरियों को पल्टी करा रहा है मगर, इसमें भी लापरवाही बरती जा रही है।

जिले के 28 धान खरीदी केन्द्रों में खुले आसमान के नीचे पड़े करोड़ों के धान गुरुवार की देर रात हुई अचानक बारिश के चलते भीग गए। अब धान के खराब होने का खतरा बना हुआ है। अचानक हुई बारिश की वजह से भीगा हुआ धान अंकुरित हो सकता है। प्रशासन ने धान खरीदी करने से पहले जिले के सभी केंद्रों में धान को सुरक्षित रखने का दावा किया था लेकिन बेमौसम बारिश ने प्रशासन के इस दावे को झूठा साबित कर दिया। स्थिति यह हो गईकि खरीदी केंद्रों में तिरपाल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की वजह से धान खुले आसमान के नीचे पानी में भीग गया।

बारिश के बाद भी लापरवाही
धान खरीदी केंद्रों में काफी बुरी स्थिति है। बारिश में भीगे धान को एक बोरी से दूसरे बोरियों में पल्टी किया जा रहा है। सहकारिता विभाग के अफसरों की जरा सी लापरवाही का आलम यह है कि 34 हजार 604 क्विंटल धान के उपज को काफी नुकसान हुआ है। केंद्रों पर धीमी गति से धान का उठाव होने की वजह से सैकड़ो क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे अभी भी पड़ा है। यदि फिर बारिश हुई तो धान खराब होने का खतरा और भी बढ़ जाएगा।

खरीदी केन्द्रों पर करोड़ों का नुकसान
जिलेभर में कुल 28 खरीदी केंद्रों में शामिल नवागनर, खुटार, रजमिलान, कोयलखूंथ, मकरोहर, माड़ा, सखौंहा, सरई, घोघरा, चतरी, महुआगांव, खम्हारडिह, बरहट, पराई सहित दर्जनभर खरीदी केंद्रोंं पर लगभग 80 प्रतिशत खरीदी हुईधान की उपज मतलब, करोड़ों का नुकसान हुआ है। यह न केवल अफसरों के लापरवाही को उजागर करती हैबल्कि यह साबित कर रहा है कि खरीदी केंद्रों पर रखी धान की उपज के लिए आला अधिकारियों ने कोईठोस इंतजाम नहीं कर सके।

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