स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

इमरजेंसी ड्यूटी से नदारद डॉक्टर, मरीज परेशान, पुराने जिला अस्पताल में लगती है इमरजेंसी ड्यूटी

Amit Pandey

Publish: Nov 06, 2019 13:26 PM | Updated: Nov 06, 2019 13:26 PM

Singrauli

मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा.....

सिंगरौली. छुट्टी के दिन जिला अस्पताल में इमरजेंसी के लिए तीनों शिफ्ट में चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जाती है लेकिन रविवार को इमरजेंसी ड्यूटी सेे डॉक्टर नदारद मिले। नतीजा मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इलाज के लिए मरीज जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां उन्हें डाक्टर नहीं मिले। जिसके चलते मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। हैरानी की बात तो यह है कि अब मरीजों को गुमराह किया जाता है। छुट्टी के दिन अक्सर मरीज परेशानियों से लड़ते हैं। नई बिल्डिंग में इलाज के लिए गए तो उन्हें पता चलता है कि इमरजेंसी ड्यूटी में डॉक्टर पुराने अस्पताल में मिलेंगे। जब वहां पहुंचते हैं तो नई बिल्डिंग का हवाला दिया जाता है। ऐसे में मरीजों को इलाज कराने के लिए नई और पुरानी बिल्डिंग के बीच चक्कर काटना पड़ रहा है। रविवार को कुछ ऐसा ही हाल जिला अस्पताल में देखने को मिला है।

मरीजों ने बयां की आपबीती
बिंदुल गांव से बुखार का इलाज कराने रामकरण प्रजापति पहुंचे। अस्पताल के पुराने भवन में डॉक्टर नहीं थे, वहीं हटका गांव से शांति देवी इलाज के लिए आई थी, मरीज परिसर में इधर-उधर भटक रहे थे। इसके अलावा कई दूसरे मरीज भी डॉक्टर की तलाश में नईबिल्डिंग से पुरानी बिल्डिंग में परेशान हुए।जबकि इमरजेंसी में डाक्टरों की ड्यूटी वहीं लगाई जाती है लेकिन डाक्टर ड्यूटी से नदारत थे।

नाम की इमरजेंसी सेवा
जिला अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी नाम मात्र की रह गर्ई है। हकीकत देखने पर पता चलता है कि इस लापरवाही से अस्पताल प्रबंधन अनभिज्ञ हैं। दूसरा यह कि अब मरीजों को नए और पुराने भवन का हवाला देकर गुमराह किया जाता है। छुट्टी के दिन इमरजेंसी ड्यूटी पुराने जिला अस्पताल में रहती है। बाकी के दिन ओपीडी नई बिल्डिंग में संचालित हो रही है। इस व्यवस्था में मरीज पीस रहे हैं।

लापरवाही की सारी हदें पार
जिला अस्पताल के डाक्टरों ने लापरवाही की सारी हदें पार कर दिया है। इसका खामियाजा गांव से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ता है। दो भाग में व्यवस्था होने के बाद से डॉक्टर पहले से भी ज्यादा लापरवाही कर रहे हैं। हालांकि प्रबंधन इस बात को मानने से इंकार कर रहे हैं लेकिन हकीकत यह कि अस्पताल के पुराने भवन में इमरजेंसी में ड्यूटी के दौरान डाक्टर नदारद रहते हैं।

[MORE_ADVERTISE1]