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एमपी के इस जिले से बिना बिजली बिल चुकाए 700 से अधिक उपभोक्ता हो गए गायब

Bajrangi Rathore

Publish: Jan 17, 2020 22:05 PM | Updated: Jan 17, 2020 22:05 PM

Singrauli

एमपी के इस जिले से बिना बिजली बिल चुकाए 700 से अधिक उपभोक्ता हो गए गायब

सिंगरौली। मप्र के सिंगरौली शहरी क्षेत्र में बहुत से अधिक लोग अस्थाई कनेक्शन के जरिए बिजली का मनमाना उपयोग करने के बाद गुम हो गए। एेसे लोग बिजली कंपनी को लगभग 33 लाख रुपए का चूना लगा गए। अब बिजली कंपनी अधिकारियों को एेसे गुम हो गए लोगों की तलाश करनी पड़ रही है।

अस्थाई कनेक्शन से बिजली उपभोग के बाद बिल जमा कराने की जगह लापता होने वाले एेसे लोगों का मामला चार-पांच वर्ष तक पुराना है। इससे पता चलता है कि अस्थाई कनेक्शन लेने व बिजली का उपभोग करने के बाद गुम हो जाने की चाल कई वर्ष से चली जा रही है।

अब बिजली कंपनी मुख्यालय ने गुम हो गए लोगों की तलाश कर उनसे रकम की वसूली के लिए सक्रिय होने का निर्देश दिया है। बताया गया कि मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र बिजली कंपनी में बिल की बकाया राशि की समीक्षा के दौरान एेसा मामला सामने आया। इसमें पाया गया कि जिला मुख्यालय के शहरी क्षेत्र में चार-पांच वर्ष से अस्थाई कनेक्शन लेकर बिजली उपयोग के बाद काफी लोग गुम हो गए।

एेसे लोगों ने उपभोग की गई बिजली का बिल नहीं चुकाया। इसलिए कनेक्शन तो बंद हो गया मगर अस्थाई कनेक्शन लेने वाले लोग नहीं मिले। एेसी चाल खेलकर गुम हुए लोगों पर आज भी बिजली बिल का लगभग 33 लाख रुपए बाकी है पर इस रकम की वसूली नहीं हो रही।

इसका कारण अस्थाई कनेक्शन लेने वाले लोगों का बाद में पता नहीं चला पाना रहा। शहरी क्षेत्र का बिजली अमला एेसे लोगों तक पहुंच पाने में नाकाम रहा है। इसलिए गुम हो गए देनदारों को तलाशने और उनसे रकम वसूलना चुनौती बना है।

पड़ताल में सामने आया मामला

पड़ताल में सामने आया कि शहरी क्षेत्र में एेसे ७२७ लोग गुम हैं जिन पर अस्थाई कनेक्शन का ३३ लाख रुपए बिजली का बिल बकाया है। इनमें कई प्रकरणा तो पांच वर्ष तक पुराने हैं। एेसे लोगों ने आवेदन देकर अस्थाई कनेक्शन लिया और दो-चार माह या कुछ अधिक समय बिजली का उपभोग करने के बाद गुम हो गए।

बिजली अमले ने उनका कनेक्शन काट दिया व बिजली आपूर्ति बंद कर दी मगर एेसे लोगों से बिल की वसूली नहीं हो पाई। यही बिल की बकाया राशि आज ३३ लाख का आंकड़ा छू रही है। बताया गया कि अस्थाई कनेक्शन के बिल की बकाया राशि वाले अधिकतर प्रकरण घरेलू या निर्माण कार्य की श्रेणी के हैं।

जमा दस्तावेजों के आधार पर तलाश

अब बिजली कंपनी को अस्थाई कनेक्शन के समय जमा कराए गए दस्तावेज के आधार पर बकायादारों को तलाशने का विकल्प अपनाना पड़ रहा है। मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र बिजली कंपनी शहर संभाग के कार्यपालन यंत्री एएस बघेल ने बताया कि अस्थाई कनेक्शन से बिजली उपभोग वाली जगह के आसपास के लोगों से बकायादार के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए फील्ड कार्मिकों को कहा गया है।

पता चलने पर बकायादार को नोटिस देकर राशि जमा कराने के लिए चेताया जाएगा। पहचान होने व नोटिस मिलने के बाद भी बिजली बिल की बकाया राशि जमा नहीं कराने वाले लोगों के खिलाफ विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

ये भी नहीं पीछे

अस्थाई कनेक्शन काट दिए गए लोग तो बिल की राशि दबाए बैठे ही हैं। चालू अस्थाई कनेक्शन के जरिए बिजली उपभोग कर रहे लोग भी इस मामले में पीछे नहीं हैं। बिजली अधिकारियों के अनुसार शहर के सभी 45 वार्डों में वर्तमान में 91 अस्थाई बिजली कनेक्शन चल रहे हैं पर ये उपभोक्ता भी समय पर बिल चुकता नहीं करते।

इसलिए इन उपभोक्ताओं पर ही जनवरी माह में 17 लाख रुपए की बड़ी राशि बकाया हो गई। इस प्रकार बिजली का उपभोग कर गुम हो गए लोग ही नहीं, वर्तमान में चालू अस्थाई कनेक्शन वाले उपभोक्ता भी समस्या को बढ़ाने से पीछे नहीं हैं। यही स्थिति बिजली कंपनी मुख्यालय व स्थानीय अधिकारियों के लिए चिंता का कारण बनी है।

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