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लोक अदालत ने बांटी राहत, सहमति से निपटे 193 प्रकरण, 380 को मिला लाभ

Ajit Shukla

Publish: Sep 15, 2019 12:55 PM | Updated: Sep 15, 2019 12:55 PM

Singrauli

कई दंपत्तियों को भी मिली राहत....

सिंगरौली. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में शनिवार को जिला मुख्यालय बैढऩ व सिविल न्यायालय देवसर में आयोजित लोक अदालत ने काफी लोगों को राहत देने का काम किया। जिला न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विनोद कुमार द्विवेदी के निर्देशन में लगी लोक अदालत मंंें 193 मामलों का निपटारा किया गया। इनमें कई मामलों में पीडि़त पक्षकारों को मुआवजा दिलाया गया और कुछ मामलों में बैंच में शामिल न्यायिक अधिकारियों व अधिवक्ताओं की समझाइश से परिवारों में बिखराव रोकने में सफलता मिली।

जिला मुख्यालय पर लोक अदालत मंें दोनों पक्षों को समझाइश से प्रकरणों के निपटारे के लिए दस बैंच गठित किए गए। जिला विधिक सहायता अधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि एक माह पहले शुरू की गई तैयारी का नतीजा रहा कि शनिवार को लोक अदालत में 193 प्रकरणों का निपटारा हो सका। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उपेंद्र प्रताप सिंह की देखरेख और लोक अदालत प्रभारी एडीजे जयशंकर श्रीवास्तव के समन्वय से इसमें पक्षकारांें को सस्ता व त्वरित न्याय दिलाया गया।

लोक अदालत में मामले निपटाने व समझाइश को लेकर दिन भर भीड़ व गहमागहमी रही। मामलों के निराकरण में अधिवक्ताओं सहित अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी सहयोग किया। उन्होंने बताया कि शनिवार को प्री लिटिगेशन वाले बैंक रिकवरी के 74 प्रकरण का निपटारा किया गया। इनमंें 1,32,81,140 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार बिजली संबंधी 23 प्रकरण का निराकरण कर उनमें 2,74,००० रुपए का अवार्ड पारित किया गया। जलकर के 38 प्रकरण में 49,101 रुपए, संपत्ति कर के 758 प्रकरण में 27,31,591 रुपए, बीएसएनल के दो प्रकरण में 86,426 रुपए व मुथूट फायनेंस कंपनी के रिकवरी संबंधी दो प्रकरण का निराकरण कर उनमें 12,430 रुपए का अवार्ड पारित किया गया।

इसके साथ ही अदालतों में लंबित मोटर दुर्घटना दावा के तहत क्षतिपूर्ति के 17 प्रकरण का निपटारा किया गया। इनमें प्रभावित लोगों के पक्ष में 66,04,000 रुपए का अवार्ड पारित कर उनको राहत दिलाई गई। इसके साथ ही चेक बाउंस के 18 प्रकरण का निराकरण कर 30,46,300 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। न्यायिक अधिकारियों व अधिवक्ताओं की समझाइश से आपराधिक श्रेणी के 13 प्रकरण में दोनों पक्षों में समझौता कराकर विवाद का निपटारा कराया गया।

इसमें दूसरी श्रेणी के समझौता योग्य तीन प्रकरण निपटाए गए और सिविल श्रेणी के पांच प्रकरण का निराकरण कर 40 हजार रुपए व विद्युत अधिनियम संबंधी 127 प्रकरण का निराकरण कर 13,09,671 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। अहम तथ्य है कि लोक अदालत में वैवाहिक प्रकृति के दस प्रकरण का समझाइश से निपटारा कर परिवारों को टूटने से बचाया गया। अब विवाद निपटने के बाद ये परिवार सांमजस्य से एकजुट रह सकेंगे।

जिला न्यायाधीश ने किया उद्घाटन
इससे पहले सुबह न्यायालय परिसर में जिला न्यायाधीश विनोद कुमार द्विवेदी ने लोक अदालत का उद्घाटन किया। उन्होंने लोक अदालत को आपसी सद्भाव व सांमजस्य भावना को मजबूत करने वाला सेतू बताया। जिला न्यायाधीश द्विवेदी ने लोक अदालत का महत्व बताया तथा पक्षकारों से इसका लाभ उठाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय ऋतुराज बसंत कुमार, अपर जिला न्यायाधीश व जिविसेप्रा के सचिव उपेंद्र प्रताप सिंह, अपर जिला न्यायाधीश जयशंकर श्रीवास्तव, सुरेंद्र मेश्राम, जितेंद्र कुमार पराशर व अनुज कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधीरसिंह ठाकुर, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तेजप्रताप सिंह, न्यायिक अधिकारी अंशू चौहान, मृणाल मोहित, जयकुमार जैन, अधिवक्ता संघ के जिला उपाध्यक्ष पीएल कुशवाहा सहित अधिवक्ता मनिकराम पांडेय, अंगदप्रसाद शाह, प्रदीप शाह, रामजी जायसवाल, अब्दुल मोबीन सिद्दीकी, विजयबहादुर चौबे, रमाकर प्रताप सिंह, श्रवण तिवारी, रेणु पूरी व अन्य मौजूद रहे। इनके अलावा बिजली कंपनी शहर संभाग के कार्यपालन यंत्री अजीत सिंह बघेल, नगर निगम उपायुक्त आरपी बैस, बैंक, नगर निगम, बीएसएनएल व अन्य विभागांें के अधिकारी व कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल रहे।