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अवैध रेत खनन: भरसेड़ी खदान की कटी टीपी, कांदोपानी से उठी रेत!

Amit Pandey

Publish: Jan 16, 2020 12:27 PM | Updated: Jan 16, 2020 12:27 PM

Singrauli

अवैध रेत खनन करने से बाज नहीं आ रहे कारोबारी....

सिंगरौली. खदानों से रेत खनन के लिए मंजूरी की आड़ में किस तरह से मनमानी हो रही है। इसका अंदाजा अभी हाल में हुई कारोबारियों की साठगांठ से सहज ही लगाया जा सकता है। बात टीपी के खेल की कर रहे हैं। दूसरी खदानों के टीपी के जरिए कांदोपानी से रेत का खनन कर परिवहन करने की बात सामने आई है।

पिछले सप्ताह कांदोपानी रेत खदान में दो कारोबारियों के बीच टकराव के चलते वहां का माहौल गर्म हो गया था।स्थिति को खराब होते देख खदान का पोर्टल बंद कर दिया गया। ताकि न ही टीपी कटे और न ही खदान में खनन का कार्य हो। लेकिन इतना कुछ होने के बावजूद रेत कारोबारियों की ढिठाई तो देखिए उनकी ओर से खनन का कार्य जारी रखा गया।

सूत्रों की माने तो खनन के बाद रेत परिवहन में कोई समस्या न हो, इसके लिए भरसेड़ी और ठठरा खदान की काटी हुई टीपी का प्रयोग किया गया। कारोबारियों ने इसके लिए पुलिस से साठगांठ की और रेत सीमा पार पहुंचा दी। फिलहाल मामला तब फंस गया, जब इसकी खबर भरसेड़ी खदान में कार्य कर रहे कारोबारियों को लग गई।वहां के कारोबारियों ने मामले की जानकारी खनिज महकमे को दी है।हालांकि महकमे के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।कोईभी अधिकारी न कुछ बोलने को तैयार है और न ही सूत्रों से मिली जानकारी की पुष्टि ही कर रहा है।

छापामारी कार्रवाई में खाली मिली थी खदान
कांदोपानी व हर्रहवा खदान में पोकलेन व जेसीबी मशीनों का प्रयोग कर हर रोज सैकड़ों गाड़ी रेत निकाली जा रही है। रेत निकालने को लेकर ही दो कारोबारी आमने-सामने आ गए थे। इस स्थिति के मद्देनजर जिला प्रशासन, पुलिस व खनिज महकमे के अधिकारियों ने करीब चार दिन पहले छापामार कार्रवाईकी थी।कार्रवाई में वहां कोई नहीं मिला था।दावा है कि उसी के बाद से वहां खदान में खनन नहीं हो रहा है।

भंडारित रेत के परिवहन की बात
कांदोपानी से सोमवार तक रेत का परिवहन जारी रहा। इसके पीछे तर्क है कि परिवहन वहां भंडारित रेत का हो रहा है। जबकि सूत्रों की माने तो रात में वहां चोरी छिपे खनन का कार्य शुरू हो जाता है। हालांकि बताया जा रहा है कि कारोबारी दबाव में हैं और खनन का कार्य कुछ घंटे ही करते हैं। इस संबंध में खनिज अधिकारी एके राय से बात की गई तो उनका कहना है कि वर्तमान में कांदोपानी का पोर्टल के साथ ही खनन का काम बंद है।

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