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सिर पर बोर्ड परीक्षा, ज्ञानपुंज दल का पता नहीं, डीइओ कर रहे दल के गठित होने का दावा, गतिविधि शून्य

Amit Pandey

Publish: Nov 16, 2019 14:01 PM | Updated: Nov 16, 2019 14:01 PM

Singrauli

शैक्षणिक गुणवत्ता के मद्देनजर गठित होता है दल....

सिंगरौली. बोर्ड परीक्षा नजदीक है, लेकिन ज्ञानपुंज दल का कोई पता नहीं है। जिला शिक्षा अधिकारी दल का गठन होने की बात कर रहे हैं। लेकिन दल का कोई अता-पता नहीं है। स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता के मद्देनजर ज्ञानपुंज दल का गठन किया जाता है। स्थिति यह है कि स्कूलों में विषय विशेषज्ञ नहीं हैं और वहां के छात्रों को पाठ्यक्रम की जानकारी नहीं हो पा रही है। यही वजह है कि बोर्ड परीक्षा में उन स्कूलों के रिजल्ट का स्तर गिर जाता है। जहां विषयों के विशेषज्ञ नहीं है।

जिले के हाइस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूलों में शिक्षा रूपी ज्ञान की पुंज नहीं पहुंच पाई है। जिससे शैक्षिक स्तर के बेहतर सुधार पर ग्रहण लग गया है। जबकि विभाग के आला अफसर यह दावा कर रहे हैं कि ज्ञानपुंज दल जिले के स्कूलों में पहुंचकर छात्रों को विषयवार पढ़ा रहे हैं और इसका फॉलोअप भी किया जा रहा है। मगर, हकीकत देखा जाए तो ऐसा कुछ भी नहीं है।

क्या है ज्ञानपुंज योजना
ज्ञानपुंज योजना के तहत उन स्कूलों में जहां संबंधित विषय के शिक्षक नहीं हैं। वहां योजना के सदस्यों (विषय विशेषज्ञ) का शिक्षकों का दल जाकर पढ़ाता है। जो एक दिन मेें अधिकतम तीन पीरियड पढ़ाते हैं। ये सदस्य संबंधित विषय के शिक्षक के अध्यापन कार्य का निरीक्षण भी करते और उसमें सुधार भी करवाते हैं। योजना के अनुसार उन स्कूलों को प्राथमिकता दी जाती है जिनका रिजल्ट कम रहता है।

...और इसलिए नहीं है रूचि
बतादें कि ज्ञानपुंज के तहत फील्ड में जाकर पढ़ाने के लिए चयनित व्याख्याताओं या वरिष्ठ अध्यापकों को किसी भी तरह का अतिरिक्त भुगतान नहीं मिलता है। बल्कि जिस विद्यालय में वो पदस्थ है उसी विद्यालय से वेतन निकलता है। योजना के तहत विषय विशेषज्ञों को किसी तरह का लाभ नहीं मिलता है। इसलिए योजना में कोई रूचि नहीं दिखाता है।

शिक्षा के समंदर में शिक्षकों का सूखा
जिले के करीब 80 फीसदी शासकीय स्कूलों में विषय विशेषज्ञों की कमीं है। ऐसे स्कूलों का शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए ज्ञानपुंज योजना शुरू की गई थी। जिस पर अब पूर्ण विराम लग गया है क्योंकि इस योजना के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों ने कोई रुचि नहीं दिखा रहे हंै। फिर भी शिक्षा विभाग ज्ञानपुंज दल में पांच लोगों को शामिल होने की बात कह रहा है।

ये है पांच विषयों का दल
ज्ञानपुंज दल में पांच विषयों के विशेषज्ञ शामिल हंै। जिसमें अंग्रेजी में नारायण प्रसाद पाण्डेय, विज्ञान में संदीप त्रिपाठी, साहित्य में देवी प्रसाद द्विवेदी, गणित में सुब्बालाल विश्वकर्मा एवं सामाजिक विज्ञान में पवन तिवारी शामिल हैं।

पूरा होने का दिया हवाला
ज्ञानपुंज दल के बारे में जब जिला शिक्षा अधिकारी बृजेश मिश्रा से पूछा गया तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।उनकी ओर से बेरूखा से जवाब मिला। कहा कि सब कुछ कर लिया गया है। विभाग में क्या करना है यह हमारा विषय है। फिलहाल ज्ञानपुंज दल अगस्त में ही गठित कर दिया गया है। इसके बारे में ज्यादा जानकारी हमारे पास नहीं है।

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