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पर्यावरण सरंक्षण की कवायद अधूरी : पौधरोपण के लिए मिली राशि खर्च नहीं कर सके जिम्मेदार, जानिए क्या बनी वजह

Amit Pandey

Publish: Nov 07, 2019 14:21 PM | Updated: Nov 07, 2019 14:21 PM

Singrauli

डीएमएफ मद से जारी किया गया है करोड़ों का बजट.....

सिंगरौली. पर्यावरण संरक्षण के लिए डीएमएफ मद से जारी करोड़ों के बजट की राशि को जिम्मेदार खर्च नहीं कर पाए हैं। बैढऩ, देवसर व चितरंगी के कई गांवों में पर्यावरण संरक्षण के तहत पौधरोपण की कवायद अधर में लटकी हुई है।
पिछले महीने में आयोजित डीएमएफ से स्वीकृत कार्यों की समीक्षा बैठक में अफसरों ने कार्य प्रगति पर होने का हवाला दिया है। यह बात और है कि बजट खर्च होने से पहले ही पौधरोपण के लिए अनुकूल मौसम समाप्त हो चुका था।

हकीकत यह है कि चिह्नित गांवों में आज भी जारी बजट के अनुरूप पौधरोपण का कार्य पूरा नहीं हो सका है। प्रदाय राशि विभाग के पास शेष रह गईहै। गौरतलब है कि इसकी जिम्मेदारी वन विभाग के अधिकारियों को सौंपी गई थी।
जानकारी के लिए बतादें कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जिला प्रशासन ने यह निर्देश दिया था कि वन परिक्षेत्र के अंतर्गत गांवों को क्रमश: चिह्नित किया जाकर वहां पौधरोपण कराया जाए। ताकि पर्यावरण प्रदूषित होने से बचाया जा सके लेकिन प्रशासन की मंशा पर वन विभाग के अफसर खरे नहीं उतरे हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्वीकृत मद से पौधरोपण का कार्य अगले तीन वर्षों में पूरा करना है।

इतने हेक्टेयर में होना था पौधरोपण
जानकारी के लिए बतादें कि सिंगरौली, देवसर व चितरंगी में मिलाकर कुल पांच गांवों में पौधरोपण के लिए जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से राशि स्वीकृत हुई थी। चिह्नित गांवों में पचौर पुलिस लाइन में 5 हेक्टेयर, कुशवई में 45 हेक्टेयर, पिड़ताली में 80 हेक्टेयर, बगैया रहरेठा टोला व नौढिय़ा में 100-100 हेक्टेयर में पौधरोपण का कार्य किया जाना था, जो जारी बजट के अनुरूप पूरा नहीं किया जा सका है।

खर्च नहीं हुई प्रदाय राशि
मई 2017 में डीएमएफ मद से वन विभाग को पौधरोपण के लिए करीब 8.50 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृति हुई। जिसमें संंबंधित विभाग को करीब 5.25 करोड़ की राशि दे दी गई। ताकि पौधरोपण का कार्य शुरू हो सके। हैरानी की बात तो यह है कि वन विभाग दो साल के दौरान करीब चार करोड़ की राशि ही खर्च कर सका है। करीब सवा करोड़ रुपए बच गए हैं।

वर्जन:-
चिह्नित गांवों में पौधरोपण का कार्य किया जा रहा है। कार्य प्रगति पर है, वन विभाग के स्थानीय अफसर इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
विजय सिंह, डीएफओ सिंगरौली।

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