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बच्चों के पोषक आहार व उपचार में खानापूर्ति, पोषणयुक्त के बजाय बेहाल हो रहे बच्चे

Amit Pandey

Publish: Sep 16, 2019 14:50 PM | Updated: Sep 16, 2019 14:50 PM

Singrauli

एनआरसी में बेहाल हो रहे बच्चे.....

सिंगरौली. दूर-दराज गांवों से चिह्नित कर कुपोषित बच्चों को पोषणयुक्त बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से एनआरसी में भर्ती कराया जा रहा है लेकिन सारी कवायद महज खानापूर्ति तक सीमित है। एनआरसी में बच्चों को समुचित इलाज व पोषक आहार मुहैया नहीं हो पा रहा है। इधर जिला अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का आलम यह है कि एनआरसी में भर्ती बच्चों की जानकारी तक प्रबंधन को नहीं रहती है।

एनआरसी में भर्ती बच्चों को मीनू के मुताबिक पोषक आहार दिया जा रहा है कि नहीं। इसकी परवाह जिम्मेदार अधिकारियों को नहीं है। हकीकत यह है कि उपचार व पोषक आहार में लापरवाही के चलते बच्चों के परिजन उन्हें घर ले जा रहे हैं। हैरत की बात यह है कि स्वास्थ्य अमले को इसकी खबर तक नहीं होती है। कहने को तो महिला बाल विकास की टीम एनआरसी में एक बार रोज चक्कर लगाकर भर्ती बच्चों की पूछपरख कर रही है,

लेकिन हकीकत यही है कि बच्चों में कोई खास सुधार होने से पहले ही वह घर पहुंच जाते हैं। यह स्थिति विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रही है। वर्तमान में जिला अस्पताल के एनआरसी में केवल 19 कुपोषित बच्चे भर्ती मिले।

कैसे सुधरेगी स्थिति
बतादें कि जिलेभर में 9 हजार से अधिक बच्चे कुपोषण का दंश झेल रहे हैं। साथ ही एक हजार से अधिक मासूम अति कुपोषण की चपेट मे हैं। इन बच्चों को पोषणयुक्त बनाने बारी-बारी से स्थानीय एनआरसी में भर्ती कराया जा रहा है लेकिन इससे कुपोषण का कलंक मिटने की संभावना दिखाई नहीं दे रही है। जिम्मेदार इस गंभीर समस्या को कैसे सुधारेंगे। यह चिंताजनक है।

किसी को कोई परवाह नहीं
महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों की ओर से कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती तो कराया जा रहा है लेकिन भर्ती कराने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उन बच्चों की स्थिति का जायजा नहीं ले रहे हैं। कुपोषित बच्चों को मिलने वाला पोषक आहार मीनू के अनुसार नियमित रूप से मिल रहा है या नहीं। इसकी जानकारी जिम्मेदारों को नहीं है। स्थिति यह है कि लापरवाह चिकित्सकों कुपोषित बच्चों की परवाह नहीं है। बिना बताए परिजन उन्हें घर ले जा रहे हैं।

यह है स्थिति:-
एनआरसी स्वीकृत बेड भर्ती कुपोषित
जिला अस्पताल 20 19
चितरंगी 10 12
देवसर 10 10
सरई 10 12

वर्जन:-
बच्चों के परिजन बिना बताए उन्हें घर लेकर चले जा रहे हैं, यह संज्ञान में नहीं है। इसके अलावा बच्चों को मीनू के अनुसार पोषक आहार दिया जा रहा है। साथ ही गंभीर बच्चों का इलाज भी डॉक्टर करते हैं।
डॉ. आरपी पटेल, सीएमएचओ।