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लोकायुक्त की कार्रवाई में खुलासा: संभाग में सबसे अधिक भ्रष्ट राजस्व विभाग, दूसरे नंबर पर पुलिस और तीसरे में पंचायत विभाग

Amit Pandey

Publish: Nov 06, 2019 12:55 PM | Updated: Nov 06, 2019 12:55 PM

Singrauli

लोकायुक्त की कार्रवाई में सामने आए प्रकरण......

सिंगरौली. दूसरे विभागों की तुलना में राजस्व विभाग रिश्वतखोरी के मामले में सबसे आगे है। यह स्थिति कोई और नहीं बल्कि लोकायुक्त की कार्रवाई बयां कर रही है।तीन साल के दौरान राजस्व विभाग में सबसे अधिक रिश्वतखोर पकड़े गए हैं। संभाग में लोकायुक्त पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के आंकड़ें चौकाने वाले हैं।

मध्यप्रदेश में सरकार तो बदली है लेकिन अधिकारी व कर्मचारियों की करतूत नहीं बदली। नतीजा यह है कि समस्याओं के समाधान के लिए लोग राजस्व विभाग के या तो चक्कर लगाते हैं या फिर जेब ढीली करते हैं। ठीक यही रवैया पुलिस व पंचायत विभाग का है। इन दोनों विभागों में भी लोकायुक्त की टीम ने सबसे अधिक रिश्वतखोर पकड़े हैं।

लोकायुक्त ने 2017 में 12, 2018 में 08 व 2019 अक्टूबर तक में रिश्वतखोरी के 11 मामले उजागर किए हैं। हर वर्ष सबसे अधिक मामले राजस्व विभाग के रहे हैं। दूसरे नंबर पर पुलिस व तीसरे पर पंचायत विभाग में भ्रष्टाचार के प्रकरण लोकायुक्त की कार्रवाई में सामने आए हैं। लेन-देन का ताजा मामला उदाहरण के तौर पर सामने है।

यह है उदाहरण:
केस-एक
राजस्व निरीक्षक सर्किल अतरैला तहसील जवा को लोकायुक्त पुलिस ने 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। आरोपी रामशिरोमणि तिवारी पैतृक जमीन के सीमांकन कार्रवाई करने के एवज में शिकायतकर्ता गंगा सागर पाण्डेय से पांच हजार रुपए रिश्वत की मांग किया था।

केस-दो
करौंदिया पंचायत के रोजगार सहायक अभिमन्यु पाण्डेय को 5 हजार रुपए रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने रंगेहाथ पकड़ा। शिकायतकर्ता विमलेश कुमार पाण्डेय से खेत तालाब का टीएस जारी करने के एवज में आरोपी रोजगार सहायक ने पांच हजार रुपए की रिश्वत मांगा था।

किस विभाग में कितने प्रकरण उजागर:
विभाग 2019 2018 2017
राजस्व 11 08 12
पुलिस 04 04 04
पंचायत 03 02 06
शिक्षा 02 01 03
नगर निगम 02 02 03
स्वास्थ्य 02 01 01
महिला बाल विकास 02 01 01

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