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भावनाओं की कद्र नहीं, इसलिए बिखर रहे हैंं परिवार

Naveen Parmuwal

Publish: Aug 20, 2019 19:46 PM | Updated: Aug 20, 2019 19:46 PM

Sikar

आर्यिका विभाश्री माताजी ने कहा है कि समाज मे इंसान की पहचान उनके परिवार से होती थी।

सीकर.

आर्यिका विभाश्री माताजी ने कहा है कि समाज मे इंसान की पहचान उनके परिवार से होती थी। बच्चे पढ़ाई में कमजोर हो या समझदार, कम कमाने वाला हो या, ज्यादा, व्यापार अलग हो या संयुक्त, लेकिन घर में सब एक समान होते थे। बुजुर्गों की देखरेख में परिवार का हर सदस्य धार्मिक और सामाजिक आयोजन में सम्मिलित होता था। ऐसे में व्यक्ति से ज्यादा परिवार का महत्व होता था। घर मे सभी की भावनाओ को महत्व देने और एक साथ चर्चा-परिचर्चा के माध्यम से हर समस्या का समाधान घर के अंदर ही हो जाता था। लेकिन आज परिवार बिखर रहे है, इंसान अपने तक ही सीमित हो गया है, पारिवारिक भावनाएं खत्म हो रही है।माताजी ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, सीकर के कुटुम्ब प्रबोधन शाखा के संबोधित करते हुए कहा कि परिवार में दादा-दादी, चाचा-चाची, भाई-भाई के एक साथ नही होने से व्यक्ति सिर्फ अपने तक ही सीमित हो रहा है। छोटे परिवारों में अपने बच्चों को समय नही दे पाते हंै। स्थिति यहां तक आ गई है कि बच्चों की देखरेख अब नौकरों के भरोसे होने लगी है। ऐसे में बच्चे गलत संगत में पडकऱ अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवारों में भी घर के बुजुर्गों को महत्व नही दिया जाता है। इंसान से ज्यादा जानवर प्रिय होने लगे हैं। भाई का भाई बैरी हो रहा है। जो गलत सोच को दर्शाता है। ऐसे मेंअपने बच्चों में सही संस्कार देना संभव नही हो सकता है। माताजी ने ध्वज के महत्व को बतलाते हुए कहा किसी भी राष्ट्र व धर्म का ध्यज उसकी आन बान और शान का प्रतीक होता है। जैन ध्वज और संघ का ध्वज केसरिया रंग का है, जो आन, बान, शान के साथ साथ प्रेम, आस्था और शांति का प्रतीक है। प्रवचनों से पूर्व संघ के रमाकांत दुबे ने मंगल गीत प्रस्तुत किया एवं अपने विचार प्रस्तुत किये । उन्होंने कहा कि आज जैसे जैसे नए साधनों का महत्व बढ़ है, वैसे ही इनका दुरुपयोग भी बढ़ गया है। मोबाइल, इंटरनेट और हजारो टी. वी.चैनलों के दुरुपयोग एवं गलत इस्तेमाल से युवा पीढ़ी भ्रमित होकर गलत राह की तरफ जा रही है। जो संयुक्त परिवार के अभाव में हम सभी के लिए चिंतनीय विषय है। कार्यक्रम में डॉ.एन.एम गोयल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। आयोजन समिति के अनुभव सेठी ने बताया कि मांगलिक क्रियाएं जैन सोश्यल ग्रुप शेखावाटी के सदस्यों ने की। तीन सितम्बर से प्रारंभ होने वाले पर्युषण पर्व के दौरान आर्यिका विभाश्री माताजी के सानिध्य में पŸवनाथ भवन में श्रावक संस्कार शिविर का आयोजन किया जाएगा। मंच संचालन संघ के रोहित एवं जैन समाज की नीतू पाटोदी ने किया।